बाजार से बाइक पर घर लौट रहे किसान अफसार अहमद (48) को दुश्मनों ने लखनऊ-इलाहाबाद मार्ग पर पहले गाड़ी से टक्कर मारी, फिर लाठी और रॉड से पीट डाला। राइफल तोड़ने के साथ ही नगदी भी लूटी और फायरिंग करते फरार हो गए। घायल व्यक्ति की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई। जान पर खतरे की आशंका के बावजूद पुलिस की उदासीनता से नाराज परिजनों और रिश्तेदारों ने आरोपियों के घरों पर हमला कर दिया। ट्रैक्टर चलाने के साथ ही तोड़फोड़ की। कई थानों की पुलिस फोर्स ने मौके पर जाकर स्थिति संभाली। हत्या में नामजद छह आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर दो लोगों को पकड़ा गया।
अकबरपुर उर्फ गंगागंज (दिलावलपुर) निवासी अफसार अहमद (48) रविवार सुबह हथिगहां बाजार से बाइक पर घर लौट रहा था। वह टिकरी गांव के पास पहुंचा तभी दुश्मनों ने फारच्यूनर और स्कार्पियो से टक्कर मारकर उसे गिरा दिया। फिर लाठी-डंडे और राड से पीट दिया। राइफल भी तोड़ डाली और जेब से 18 हजार रुपये भी लूट लिए। आसपास मौजूद लोग दूर खडे़ देखते रहे। भीड़ लगने लगी तो हमलावर फायरिंग करते हुए गाड़ियों में चले गए। खबर पाकर अफसार के परिजनों के साथ ही पुलिस पहुंची। अफसार को शहर में बेली अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी जान नहीं लोगों में पुलिस के प्रति बेहद गुस्सा था क्योंकि हमलावर शकील, नावेद, शमी आदि से पुरानी दुश्मनी थी।
परिजनों बताया कि तीन महीने पहले अफसार के भतीजे मोहम्मद उमैर को भी उन्हीं लोगों ने गंभीर घायल कर दिया था लेकिन रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। उसी दौरान घर में भी घुसकर की गई फायरिग में अफसार की जान बाल-बाल बची थी। उसके पहले भी कई बार हमला किया गया था लेकिन पुलिस उदासीन बनी रही। अफसार के भाई अंजार की तहरीर पर अकबरपुर निवासी नावेद, सुहेल, सुएफ, मलाक हरकर में रहने वाले सगे भाइयों शकील, शमीम और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस लिखा गया है। पुलिस ने छापा मारकर दो लोगों को हिरासत में लिया।
मृतक अफसार के घर में मची चीख-पुकार के बीच गुस्साए परिजनों और रिश्तेदारों ने अकबरपुर में आरोपयों के घरों पर हमला बोल दिया। शकील के घर की रेलिंग तोड़ दी, घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर में आग लगा दी। दूसरे भाई सुएफ के घर में घुसकर सोफा समेत काफी सामान तोड़ डाला। आगजनी और तोड़फोड़ की खबर पाकर नवाबगंज पुलिस के साथ एसपी गंगापार सुनील सिंह भी वहां पहुंचे। आरोपियों के परिजन भाग गए थे। पुलिस ने ही जैसे-तैसे आग बुझवाई और भीड़ काबू में की।