औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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शुआट्स के पूर्व निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल को न्यायालय परिसर में फोन पर वार्ता कराने के आरोप में दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। मामला पिछले बृहस्पतिवार का है। विनोद बी लाल को नैनी जेल से अलग से गाड़ी में जिला न्यायालय लाया गया और वहां नैनी जेल भेजा गया। इस बीच कोर्ट परिसर में विनोद बी लाल ने फोन पर किसी से बात की। इसका वीडियो वायरल हुआ तो शासन को भनक लगी। जिसके बाद एसएसपी को इसकी जांच करने का आदेश मिला। एसएसपी ने जांच में प्रथम दृष्टया मामला सही पाया। अब आरआई से जवाब तलब करने के साथ पूरे मामले की जांच एसपी प्रोटोकाल को सौंपी गई है।
बिना मान्यता के कॉलेज संचालन और कई करोड़ रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार विनोद बी लाल को चार जनवरी को जिला न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। वायरल वीडियो में विनोद पुलिस कस्टडी में काफी देर तक मोबाइल पर बात करते दिख रहे हैं। कोर्ट परिसर में मौजूद कई लोगों ने उनको बात करते देखा। उसी में किसी ने वीडियो और फोटो बनाकर उसे वायरल कर दिया। यह फोटो और वीडियो सीएम सचिवालय और मुख्य सचिव तक पहुंच गए हैं। लखनऊ से इन फोटो और वीडियो को जांच कराकर कार्रवाई के आदेश जारी हुए तो खलबली मच गई। इसके बाद एसएसपी ने जांच सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चंद्र को सौंपी। उन्होंने जांच में पाया कि वीडियो और फोटो सही है और पुलिस कस्टडी में मोबाइल फोन पर वार्ता हुई है। अब यह जांच की जानी है कि बात किसके फोन से की गई और किससे कराई गई। प्रथम दरृष्टया मामला सही साबित होने पर एसपी प्रोटोकॉल को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है। निलंबित सिपाहियों के बयान भी दर्ज होने हैं।
‘अभियुक्त विनोद बी लाल की पुलिस कस्टडी में मोबाइल पर बात होना गंभीर मामला है। जिसकी जांच एसपी प्रोटोकाल के स्तर से कराई जा रही है। इस प्रकरण में प्रथमदृष्टया दो सिपाहियों को दोषी मानकर निलंबित कर दिया गया है।’ आकाश कुलहरि, एसएसपी