घूरपुर इलाके में बृहस्पतिवार शाम घर से निकलने के बाद से लापता उमाशंकर पटेल (24) का सुबह शव मिलने पर कोहराम मच गया। उसे गला घोंटकर मारा गया था। पोस्टमार्टम के बाद शाम को उसका शव रीवा मार्ग पर रखकर ससुरालियों ने चक्काजाम कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दामाद को उसके घरवालों ने ही मार डाला। पुलिस ने कत्ल में शामिल लोगों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया।
उमरी गोदावां गांव निवासी रामबहादुर पटेल के दो पुत्रों में छोटा उमाशंकर पटेल शहर में मजदूरी करने आता था। तीन साल पहले उसका ब्याह घूरपुर में चक संगतदास गांव निवासी संगीता के साथ किया गया था। अभी कोई संतान नहीं थी। बृहस्पतिवार शाम भी वह शहर में मजदूरी के बाद घर लौटा था। भोजन करने के बाद वह बाहर निकल गया। फिर रात में लौटा नहीं। परिजनों ने कई जगह पूछा लेकिन कुछ मालूम नहीं हो सका। शुक्रवार सुबह गांव के लोगों ने तालाब के निकट उमाशंकर की लाश देखी। पूरे गांव में हल्ला मच गया। भीड़ लगी। परिजन आए और शव देख रोने-कलपने लगे। फिर घूरपुर थाने की पुलिस पहुंची।
वहां शराब की दो खाली शीशी भी पड़ी थी। उमाशंकर के गले पर दबाव के निशान थे। पुलिस ने बड़े भाई ज्ञानचंद्र की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस लिखकर शव को चीरघर भेज दिया। पोस्टमार्टम में पता चला कि उमाशंकर का कत्ल गला घोंटकर किया गया था। शाम को उसका शव घर से पहले रीवा मार्ग पर रखकर ग्रामीणों के साथ ससुरालियों ने चक्काजाम कर दिया। उनका आरोप था कि उमाशंकर को उसके परिवार के लोगों ने ही मारा है। पहले उनकी गिरफ्तारी की जाए। एसओ घूरपुर संदीप तिवारी ने लोगों को भरोसा दिया कि छानबीन में सामने आए तथ्यों के आधार पर कातिलों को दबोचा जाएगा। फिलहाल परिजनों का कहना है कि उमाशंकर की किसी से रंजिश नहीं थी।