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जीतेंद्र हत्याकांड के आरोपी फरार, शव रख चक्काजाम

Wed, 13 Jul 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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क्राइम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सूबेदारगंज में सोमवार को रेल गांव में तैनात सुपरवाइजर जीतेंद्र कुमार पटेल उर्फ मुन्ना की हत्या में नामजद उमेश पाल और उसके भाई समेत एक भी आरोपी अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है। पुलिस ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी की लेकिन वे मिले नहीं। मंगलवार दोपहर बाद शव पोस्टमार्टम हाउस से सुलेमसराय स्थित घर लाया गया तो परिजनों, रिश्तेदारों और किसान यूनियन के लोगों ने जीटी रोड पर जाम लगा दिया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी, 20 लाख रुपये मुआवजा तथा मृतक के मकान से देशी शराब की दुकान हटाने की मांग की तो अफसरों ने भरोसा देकर मनाया। अफसरों के काफी मनाने पर डेढ़ घंटे बाद पुलिस पहरे में जीतेंद्र का शव रसूलाबाद घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
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जयंतीपुर सुलेमसराय निवासी जीतेंद्र पटेल उर्फ मुन्ना (38) रेल गांव में सफाई कार्य का सुपरवाइजर होने के साथ किसान यूनियन में पदाधिकारी भी था। वह सोमवार शाम करीब चार बजे अपने स्कूटर पर एनसीआर मुख्यालय जा रहा था तभी सूबेदारगंज में सीएसपी रोड पर गले में गोलियां मारकर उसका कत्ल कर दिया गया। वारदात में जीतेंद्र की मां सूरजकली की तहरीर पर बसपा विधायक पूजा पाल के करीबी उमेश पाल, उसके भाई रमेश पाल, हरवारा में रहने वाले अशरफ और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मां का कहना है कि राजरूपपुर म्योहरिया निवासी राजेश पांडेय उर्फ राजू पंडित तथा मिनहाजपुर में रहने वाले रेलवे ठेकेदार शाह मोहम्मद घटना के चश्मदीद गवाह हैं। कत्ल के पीछे जयंतीपुर के एक मकान का विवाद बताया गया, जिसके लिए दस साल से मुकदमा चल रहा है।

परिजनों के साथ धूमनगंज थाने पर सपा नेता रामलोचन यादव समेत बड़ी संख्या में सपा समर्थक पहुंचे थे। सीओ सिविल लाइंस आलोक मिश्रा ने बताया कि उमेश पाल और रमेश पाल समेत कत्ल के तीनों आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी गई लेकिन वे मिले नहीं। नामजद मुकदमा और चश्मदीद गवाह होने की वजह से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। लोगों में आक्रोश को देखते हुए मंगलवार को जयंतीपुर स्थित मकान से लेकर चीरघर तक पुलिस फोर्स, आरएएफ और पीएसी की मुस्तैदी रही। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद जीतेंद्र का शव जयंतीपुर में जीटी रोड स्थित घर ले जाया गया जहां सुबह से ही सौ से ज्यादा रिश्तेदार, करीबी और किसान यूनियन के लोग मौजूद थे। शव को सड़क पर रखकर लोगों ने जाम लगा दिया।
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उनकी मांग थी कि जीतेंद्र के घर में उमेश पाल के दबाव पर खोली गई देशी शराब की दुकान हटाई जाए, कत्ल के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की सहायता मिले। शहर पश्चिमी विधानसभा से सपा के प्रत्याशी ज्योति यादव समेत कई सपा नेताओं ने आकर परिजनों को सांत्वना दी। वहां एसपी सिटी राजेश यादव भी सीओ आलोक मिश्रा और पुलिस बल के साथ पहुंच गए।

सीओ ने जीतेंद्र की गमगीन मां सूरजकली और परिजनों को आश्वासन दिया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी साथ ही आबकारी विभाग से शराब की दुकान हटाने के लिए भी कहा जाएगा। शासन से मुआवजा दिलाने की भी पूरी कोशिश होगी। इसके बाद करीब पांच बजे जीतेंद्र का शव उठाकर रसूलाबाद घाट ले जाया गया जहां पुलिस बल की मौजूदगी में अंत्येष्टि की गई। देर रात तक पुलिस उमेश पाल और भाई रमेश पाल समेत सभी आरोपियों की तलाश में दबिश देती रही। 

जीतेंद्र पटेल के कत्ल में नामजद आरोपियों में शामिल अशरफ मूल रूप से पूरामुफ्ती के हटवा गांव का रहने वाला है मगर लंबे समय से हरवारा में रहकर प्रापर्टी डीलिंग करता है। वह उमेश पाल का करीबी है। करीब दो महीने पहले उसने कर्नलगंज थाने जाकर आरोप लगाया था कि वह सदर तहसील से निकल रहा था तभी पूर्व सांसद अतीक अहमद के इशारे पर कुछ लोगों ने उसकी हत्या की नीयत से गाड़ी में खींचकर अपहरण की कोशिश की। उसने यह भी आरोप लगाया कि अतीक ने उसे कुछ समय पहले फोन पर धमकाया था कि कुद्दूस को परेशान न करो वरना तुम्हें मरियाडीह के ल़ड़कों से हरवारा में पिटवा दिया जाएगा। उसने धमकी की मोबाइल रिकार्डिंग भी पुलिस और मीडिया को बांटी थी।

राजू पाल हत्याकांड के बाद से पूर्व सांसद अतीक अहमद और शहर पश्चिमी की मौजूदा बसपा विधायक पूजा पाल के बीच दुश्मनी में आलम यह है कि वे दोनों किसी घटना में मौका मिलने पर एक-दूसरे पर वार करने से नहीं चूकते। चार फरवरी की रात सिविल लाइंस में आईजी रेलवे निवास के निकट ललित वर्मा की गोली मारकर हत्या की वारदात में विधायक पूजा पाल और उनके करीबियों के खिलाफ केस लिखा था। पूजा ने आरोप लगाया कि अतीक अहमद के इशारे पर उन्हें फर्जी मुकदमे फंसाया गया है। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी। होली से पहले झलवा में सूरजकली और उन के बेटे सुरेंद्र को गोली मारने की घटना में अतीक अहमद और कपिलदेव त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

पूजा पाल भी एफआईआर लिखाने के लिए परिजनों के साथ धूमनगंज थाने पर डटी थीं। अब जीतेंद्र की हत्या में पूजा पाल के करीबी उमेश पाल को नामजद कराया गया है जो राजू पाल हत्याकांड में गवाह है। पूजा पाल का आरोप है कि अतीक समेत सपा नेताओं के दबाव पर उमेश को झूठा फंसाया गया है। अतीक और रामलोचन यादव समेत कई नेता धूमनगंज थाने पहुंचे और पुलिस पर उमेश के खिलाफ मुकदमा लिखने का दबाव बनाया। उमेश पाल ने भी फोन पर अमर उजाला संवाददाता से कहा कि अतीक के इशारे पर उन्हें इस हत्याकांड में आरोपी बनाया गया है। 
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