कुछ समय पहले जेल से छूटने के बाद रेलवे पुलिस की निगाह से बचने के लिए भेष बदलकर चोरी कर रहा शातिर बदमाश आखिरकार पकड़ा गया। उसे जंक्शन पर जीआरपी की टीम ने दबोचा तो चोरी के दो मोबाइल फोन और नगदी समेत चार किलो गांजा भी मिला। उसे नैनी जेल भेल दिया गया है।
जीआरपी थाना प्रभारी मनोज सिंह ने बताया कि बुधवार रात जंक्शन पर रेलवे पुलिस की टीम चेकिंग कर रही थी तभी एक व्यक्ति बैग लेकर भागने लगा। सिपाही अतुल सिंह ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। तलाशी में उसके बैग में चार किलो गांजा भरा मिला। जेब में दो महंगे मोबाइल फोन और नगदी मिली। पकड़े गए शख्स ने अपना नाम ओमप्रकाश पांडेय उर्फ झलाखर और पता लालगंज जनपद मिर्जापुर बताया।
21 साल के झलाखर के बारे में पुलिस ने बताया कि वह करीब तीन साल से ट्रेनों में चोरी-छिनैती में लिप्त है। नौकरी की तलाश के दौरान ट्रेन में उसने एक सपेरे से चोरी का तरीका सीखा और यही करने लगा। आलम यह कि वह लोगों की डिमांड पर चोरी के मोबाइल सप्लाई करने लगा था। उसे मई 2016 में जीआरपी इलाहाबाद ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मगर पिछले महीने जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर यही कारगुजारी करने लगा। उसने 17 दिसंबर को संगम एक्सप्रेस, 22 और 23 दिसंबर को पूर्वा एक्सप्रेस में चोरी की थी। उसने कुबूला कि जमानत कराने में काफी पैसे खर्च हो गए इसलिए जेल से निकलने ही उसने भेष बदलकर हाथ मारना शुरू कर दिया। बरामद हुए दोनों मोबाइल फोन भी चोरी के हैं।