यमुनापार के लालापुर इलाके में साधु गंगासागर को बुधवार रात उसके भतीजे ने ही सोते में लाठी से इस कदर पीटा कि उसकी जान चली गई। बचाने की कोशिश में उसने अपनी मां और बहन को भी पीटकर जख्मी कर दिया। कत्ल के पीछे वजह यह रही कि साधु अपने भतीजे के घर के बगल की जमीन पर मंदिर बनाने पर अड़ा था। विरोध के बावजूद साधु नहीं माना तो बौखलाए भतीजे ने उसे मार डाला। घटना की जानकारी पाकर सुबह मौके पर पहुंची लालापुर थाने की पुलिस ने फरार आरोपी के खिलाफ कत्ल का नामजद मुकदमा लिखकर तलाश शुरू की।
प्रतापपुर गांव निवासी गंगासागर निषाद (63) बरसों से परिवार से अलग एक छप्पर में साधुओं की तरह रहने लगा था। बगल में ही चचेरे भाई शंकरलाल निषाद का परिवार भी मड़हा में रहता है। शंकरलाल का परिवार साधु जीवन व्यतीत कर रहे गंगासागर की सेवा करने लगा था। इधर कुछ समय से गंगासागर ने ठान लिया था कि वह चचेरे भाई के मड़हा के बगल में मंदिर बनाएगा। इस बारे में पता चलने पर चचेरे भतीजे बाबूलाल ने ऐतराज जताया और कहा कि कुछ भी हो जाए मंदिर नहीं बनाना है। सरकारी जमीन पर मंदिर बनाने की तैयारी का पता चलने पर ग्राम प्रधान धनपतिया की ओर से भी मंगलवार को तहसील दिवस पर लालापुर थाना और तहसील में शिकायत की गई थी लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
बुधवार को चचेरे भतीजे ने साधु गंगासागर को टोका मगर उसने कहा कि वह दान पर्ची भी कटवा चुका है इसलिए अब मंदिर तो जरूर बनाएगा। इसी बात पर बाबूलाल बेहद बौखलाया था। बुधवार रात गंगासागर भोजन के बाद चचेरे भतीजे बाबूलाल के ही मड़हे में सोया था। आधी रात बाबूलाल घर आया और लाठी से गंगासागर पर हमला कर दिया। उसे पीटकर मार डाला। बचाने की कोशिश में अपनी मां अनारकली और बहनों बिटटन तथा सविता को भी पीट दिया जिससे वे भी जख्मी हो गईं। चीख-पुकार सुनकर गांव वाले जुटे तो वह भाग गया। सुबह खबर पाकर लालापुर थानाध्यक्ष स्वास्तिक द्विवेदी पहुंचे और शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाऊस भेजा। बेटे बीरबल ने घटना के बाद फरार बाबूलाल के खिलाफ मुकदमा लिखाया है।
साधु के कत्ल के बाद ही वन विभाग की नींद खुल जाए तो गनीमत है। साधु ने तो वन विभाग की जमीन पर मंदिर तैयार करने का केवल इरादा बनाया लेकिन सच तो यह है कि इलाके में सैकड़ों कच्चे घर सरकारी जमीन पर बने हैं लेकिन कर्मचारी अधिकारी ध्यान ही नहीं देते।