स्टेशन के बाहर इंस्पेक्टर बताकर मोबाइल छीनने वाले जीआरपी सिपाही को बुधवार दोपहर रंगेहाथ दबोच लिया गया। तलाशी में उसके पास से छीना गया मोबाइल भी मिला है। फिर क्या था भीड़ आरोपी सिपाही को पीटते हुए भीड़ सिविल लाइंस थाने ले आई। थाने में उसने बताया कि वह जीआरपी का सिपाही है। सिविल लाइंस पुलिस आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखकर जांच कर रही है।
कोतवाली में मोहित्सिमगंज के रहने वाले राजू केशरवानी की मिठाई की दुकान है। मंगलवार रात वह जंक्शन पर सिविल लाइंस साइड मौजूद थे। तभी एक युवक पहुंचा। उसने खुद को जीआरपी इंस्पेक्टर बताया और राजू का मोबाइल जबरन ले लिया। पुलिस के डर से राजू ने अपना मोबाइल दे दिया। मोबाइल हाथ आते ही युवक मोबाइल लेकर भाग निकला। राजू ने मामले की शिकायत सिविल लाइंस थाने में की। पुलिस तहरीर लेकर जांच कर रही थी। लेकिन राजू ने ठान लिया था कि वह फर्जी इंस्पेक्टर को पकड़ेगा जरूर।
बुधवार को वह फर्जी इंस्पेक्टर की तलाश में था। तभी मोबाइल छीनने वाला युवक नजर आ गया। राजू, बहनोई और आसपास के लोगों की मदद से मोबाइल छीनने वाले फर्जी जीआरपी इंस्पेक्टर को दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से राजू को अपना छीना गया मोबाइल भी मिल गया। पीटते हुए आरोपी को सिविल लाइंस थाने लाया गया। एसआई दुर्गविजय सिंह ने आरोपी ने बताया कि उसका नाम दशरथ सिंह है। वह जौनपुर का रहने वाला है और खुद को जीआरपी सिपाही बता रहा है। वह नौ जून को कानपुर से आया है। इस समय उसकी तैनाती लाइन में है।