नैनी (ब्यूरो)। घर में किसी बात से नाराज मां ने अपने दो बच्चों को घर से बाहर कर कमरा बंदकर लिया और फांसी के फंदे से झूल गई। बच्चों ने मां को खिड़की से फंदे पर लटकता देख शोर मचाया तो घर के बाहर रहे परिवार के लोग पहुंचे और दरवाजा तोड़ने का प्रयास करने लगे। घरवाले दरवाजा तोड़ते तब तक विवाहिता की मौत हो चुकी थी। सूचना नैनी पुलिस को मिली तो मौके पर पहुंच विवाहिता के शव को फंदे से उतार कर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। मामला नैनी कोतवाली क्षेत्र के मड़ौका गांव का है।
नैनी मड़ौका के मझिगवां गांव का रहने वाला दीपचन्द्र बालू के घाट पर मजदूरी करता है। दस साल पहले उसने करछना की नीतू से लव मैरिज की थी। शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था। नीतू की दो बच्चियां नंदनी(5) और अंजली(4) वर्ष की है। रोज की तरह दीपचन्द्र अपनी पत्नी और बच्चों को छोड़कर कमाने चला गया। दोपहर को नीतू अपने कमरे में थी। दोनों बेटियां घर के बाहर पड़ोस के बच्चों के साथ खेल रही थीं।
दोनों बच्चियां घर के अन्दर आईं तो नीतू ने दोनों को कमरे से बाहर कर दिया और कमरे को अन्दर से बंदकर टांड़ में निकली सरिया में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा लिया। दोनों बच्चियों ने मां को फंदे पर लटकते देखा तो बाहर आकर रोना शुरू कर दिया। जिसके बाद आस पड़ोस के लोगों ने बच्चों केे बताने पर अन्दर जाकर खिड़की से देखा तो नीतू फंदे से लटक रही थी। पड़ोस के लोगों ने नीतू के पति को खबर दी। वह भागते हुए घर पहुंचा तो देखा कि उसकी पत्नी फंदे से झूल रही थी। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। विवहिता के मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।