धूमनगंज के राजरूपपुर में होटल में काम करने वाली युवती को विक्रम में अगवाकर गैंगरेप किया गया। तीन युवकों ने न सिर्फ उससे दुराचार किया बल्कि, उससे आठ हजार नगदी व अन्य सामान लूट लिया। आरोप है कि शिकायत लेकर पीड़िता थाने पहुंची तो इंस्पेक्टर ने उसे भगा दिया। शनिवार को उसने सीओ से शिकायत की। जिस पर एफआईआर के आदेश दे दिए गए हैं।
राजरूपपुर में रहने वाली युवती का आरोप है कि वह होटल में काम करती है। 19 जुलाई की रात 10.15 बजे के करीब वह घर जा रही थी। अभी वह राजरूपपुर स्थित मंदिर के पास पहुंची थी कि तभी तीन युवकों ने उसे विक्रम में अगवा कर लिया। इसके बाद सूबेदारगंज स्थित निर्माणाधीन बिल्डिंग में ले जाकर गैंगरेप किया। साथ ही तनख्वाह के तौर पर मिले आठ हजार रुपये भी लूट लिए। इसी दौरान किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर पीड़िता घर पहुंची। दहशत के चलते रातभर वह घर से बाहर नहीं निकली। सुबह पड़ोसियों को घटना के बारे में बताया तो वह उसे लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। सूचना पर 100 नंबर पुलिस भी पहुंची जिसने पीड़िता को थाने पहुंचा दिया। पीड़िता का आरोप है कि उसने धूमनगंज इंस्पेक्टर को आपबीती सुनाते हुए एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की। लेकिन, उल्टे उस पर समझौते का दबाव बनाया जाने लगा। न मानने पर थाने से ही भगा दिया गया। शनिवार को युवती ने सीओ सिविल लाइंस से मिलकर बताया कि शिकायत के बाद भी धूमनगंज पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। जिसके बाद सीओ ने एफआईआर के आदेश दिए हैं। सीओ श्रीश्चंद्र ने बताया कि पीड़िता शिकायत लेकर आई थी। उसकी शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।