करेली के रसूलपुर में एक मां-बाप अपने सात साल के बच्चे को कमरे में बंद कर मजदूरी करने चले गए। कुछ देर बाद बच्चे की नींद खुली तो वह चीखने लगा। शोरगुल सुनकर पड़ोसी पहुंचे और दरवाजा तोड़कर बच्चे को बाहर निकाला। बच्चे को पानी दिया गया। पानी पीते ही बच्चे की मौत हो गई। पड़ोसियों ने पुलिस बुला ली। उनका आरोप था कि मां-बाप की पिटाई से बच्चे की मौत हुई। करेली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रसूलपुर का रहने वाला कल्लन मजदूरी करता है। जबकि दूसरों के घर बर्तन मांजने का काम करती है। उनके एक सात साल का मो. समीर था। उसे मिट्टी खाने की आदत थी। जिसके चलते मां-बाप बाहर निकलने से पहले उसे कमरे में बंद कर देते थे। बृहस्पतिवार सुबह दस बजे कल्लन मजदूरी करने चला गया। कुछ देर बाद पत्नी भी सो रहे बेटे को कमरे में बंद कर काम पर चली गई। शाम को बच्चा सोकर उठा तो रोने लगा। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे। बेतहाशा रो रहे बच्चे को दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला। वह पानी के लिए चिल्ला रहा था। इस पर लोगों ने उसे पानी पिला दिया। पानी पीते ही समीर की सांस थम गई।
बच्चे की मौत से मोहल्ले के लोग सहम गए। मोहल्ले के लोगों का आरोप था कि मिट्टी खाने के चलते लगभग डेढ़ माह पहले उसे मां-बाप ने पीटा। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। घरवाले उसका इलाज भी नहीं करा रहे थे। उनकी लापरवाही से बच्चे की मौत हुई। किसी ने इसी बीच पुलिस को हत्या की सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मां-बाप को पुलिस करेली थाने ले आई है। एसओ करेली संतोष शर्मा का कहना था कि हत्या जैसी बात नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।