जिला कचहरी परिसर में बुधवार दोपहर झड़प के दौरान दरोगा शैलेंद्र सिंह ने वकील नबी अहमद (27) की गोली मारकर हत्या कर दी। अदालत परिसर में साथी के कत्ल से वकीलों का आक्रोश फूट पड़ा। गोली चलाकर भागे दरोगा को दबोचने के लिए वकील एसएसपी दफ्तर में घुसे तो पुलिसवालों से उनका टकराव हो गया। पथराव के बीच फायरिंग होने लगी। एक सिपाही अजय नागर (28) के गले में गोली लग गई। इसके बाद कचहरी के अंदर और बाहर पुलिस तथा वकीलों के बीच संघर्ष छिड़ गया। आरोप है कि पुलिस ने वकीलों को अदालत परिसर में दौड़ाकर पीटा और दर्जनों गाड़ियां तोड़कर आग लगा दी। वकील की हत्या की खबर फैली तो हाईकोर्ट के पास भी वकीलों ने जाम लगा दिया। दमकल और पुलिस की चार गाड़ियां जला दी गईं। ग्रामीण इलाकों में तहसीलों को बंद कराकर वकीलों ने चक्काजाम किया और पुलिस बूथ में घुसकर आगजनी की। घटना के बाद से दरोगा फरार है।
घटना बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है। नारीबारी चौकी प्रभारी शैलेंद्र सिंह एक केस के सिलसिले में जिला अदालत आया था। पांच मंजिला भवन के पहले तल की सीढ़ी पर दरोगा शैलेंद्र की वकीलों से कहासुनी हो गई। झड़प के दौरान दरोगा ने सरकारी पिस्टल निकालकर वकील नबी अहमद पर फायर कर दिया। सीने पर गोली धंसते ही नबी गिरा तो दरोगा अदालत परिसर से बाहर निकल एसएसपी कार्यालय की ओर भागा। इस बीच वकील को गोली मारने से जिला अदालत में खलबली मच गई। दरोगा शैलेंद्र को दबोचने के लिए वकील एसएसपी कार्यालय में घुसे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से उनकी भिड़ंत हो गई। वकीलों ने पथराव किया तो पुलिसवाले भी ईंट-पत्थर चलाने लगे। एसएसपी कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई। खबर पाकर एसएसपी दीपक कुमार आ गए। उधर, घायल वकील नबी अहमद को अस्पताल ले जाया गया मगर उसकी मौत हो चुकी थी। साथी वकील की गोली मारकर हत्या पर अदालतों से निकलकर वकील बाहर आ गए। पुलिस और वकीलों के बीच टकराव के बीच भारी पुलिस फोर्स और पीएसी ने जिला अदालत परिसर में घुसकर वकीलों पर हमला बोल दिया। फायरिंग के दौरान दौरान ममफोर्डगंज चौकी में तैनात सिपाही अजय नागर (28) के गले में गोली जा धंसी। उसे फौरन उठाकर अस्पताल ले जाया गया।
इधर, अदालत परिसर और बाहर कई कार और बाइक समेत छह गाड़ियां जला दीं। दर्जनों वाहनों को तोड़ दिया। वकीलों का आरोप है कि अफसरों के आदेश पर पुलिसवालों ने गाड़ियों को तोड़ा और जलाया। फिर अदालत परिसर में घुसकर वकीलों को बुरी तरह पीटा और फायरिंग की। जिला जज की अदालत में भी घुसकर पुलिस ने वकीलों की बेरहमी से पिटाई की। इस संघर्ष में कई वकील गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की लाठी से किसी का सिर फूटा तो किसी के पेट और हाथ में चोट पहुंची। कुछ पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए। इसी बीच आईजी ब्रजभूषण शर्मा, डीआईजी भगवान स्वरूप, डीएम भवनाथ सिंह, एसपी सिटी, सीडीओ, एसपी क्राइम भारी पुलिस बल के साथ आ गए। वकीलों को खदेड़कर पुलिस ने अदालत परिसर अपने कब्जे में ले लिया। आला अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं से बात कर स्थिति संभाली। वहां फंसे वकीलों को बाहर निकाल रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती कर दी गई। शाम छह बजे तक वहां स्थिति सामान्य हो सकी। उधर, कचहरी में वकील की हत्या की जानकारी मिलते ही हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने चक्काजाम कर पथराव शुरू कर दिया। दमकल, पुलिस, मजिस्ट्रेट की चार गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। दमकल गाड़ी के पुलिसकर्मियों को बाहर खींचकर जमकर पिटाई की गई। पुलिस की गाड़ियां आई तो आक्रोशित वकीलों ने खदेड़ दिया। देर शाम मारे गए वकील नबी अहमद के पिता शाहिद उर्फ रज्जन सिद्दीकी की ओर से कर्नलगंज थाने में दरोगा शैलेंद्र सिंह के खिलाफ कत्ल का नामजद मुकदमा लिखा गया। इस घटना के बाद वकीलों ने तहसीलों को बंद कराकर चक्काजाम कर दिया। यमुनापार के रामपुर पुलिस बूथ में तोड़फोड़ कर आग लगा दी।