फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्करी के हथियारों के साथ भगोड़ा फौजी पकड़ा गया

Fri, 09 Jun 2017 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
इलाहाबाद। - फोटो : इलाहाबाद।
विज्ञापन
एसटीएफ ने सेना के एक भगोड़े लिपिक को अवैध हथियारों की तस्करी में गिरफ्तार किया है। वह करीब चार साल पहले जम्मू कश्मीर में तैनाती के दौरान छुट्टी लेकर आया तो फिर लौटा नहीं और बिहार के मुंगेर से असलहों की तस्करी करने लगा। वह फौजी पहचान पत्र दिखाकर पुलिस चेकिंग में बच निकलता था। कीडगंज में बुधवार रात गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से 10 पिस्टल, तमंचे, कारतूस और मैगजीन के साथ ही पहचान पत्र भी बरामद किया गया।
विज्ञापन


एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के डिप्टी एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने बताया एसटीएफ के इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह को बुधवार शाम खबर मिली कि असलहों का एक तस्कर नए यमुना पुल से परेड मैदान की तरफ आने वाला है। उन्होंने कीडगंज पुलिस के साथ परेड पर घेराबंदी की और पुलिया पर बैग लेकर बैठे तस्कर को मुखबिर की निशानदेही पर पकड़ लिया। बैग में मेड इन यूएसए अंकित 32 बोर के चार पिस्टल, प्वाइंट 30 बोर की एक पिस्टल, 315 बोर के पांच तमंचे, सात मैगजीन मिले। तस्कर की तलाशी में 2120 रुपये, दो मोबाइल फोन, एक मतदाता पहचान पत्र और सेना का भी पहचान पत्र मिला। पकड़े गए तस्कर ने अपना नाम एजाज अहमद और पता रामदेव, पट्टी, थाना रानीगंज जनपद प्रतापगढ़ बताया। उसने बताया कि वह 20 दिसंबर 2008 को आर्टिलरी सेंटर हैदराबाद में क्लर्क के पद पर भर्ती हुआ था। 2012 में वह 11 राइट्र्ीय राइफल बटालियन किश्तवाड़ जम्मू-कश्मीर से दस दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर घर तो वापस नहीं गया।

वह भगोड़ा घोषित कर दिया गया। कुछ दिन तक उसने खेती की। फिर उसकी मुलाकात चिलबिला में पिपरी इलाके के इंद्रबहादुर दुबे से हुई जिसने कहा कि मुंगेर, बिहार में कोई परिचित हो तो वहां से असलहे यहां लाकर बेचने पर मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है। उसने अपने फौजी मित्र प्रभाकरनाथ यादव से संपर्क किया तो उसने जमालपुर, बिहार के पिंटू सिंह से मिलाया। पिंटू से वह 13 हजार में पिस्टल और तीन हजार में तमंचा लाकर यहां इंद्रकुमार को 22 हजार तथा पांच हजार में देने लगा। जेल में बंद अली समेत कई अपराधियों के गुर्गों को भी पिस्टल-तमंचे बेचे हैं। कहीं चेकिंग होने लगती तो वह खुद को फौजी बताकर बच जाता था मगर एसटीएफ को भनक लग गई। वह दो सौ से ज्यादा हथियार मुंगेर से लाकर बेच चुका है। इस बारे संत रविदास नगर के सुरेश शुक्ला को हथियारों की खेप देनी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें