अलीना सिटी, करेली, बक्शी मोढ़ा, वीरमपुर, सैदपुर खास, ऐनुद्दीनपुर आदि इलाकों में अवैध प्लाटिंग के आरोप में पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी रिश्तेदारों समेत पूर्व विधायक वाचस्पति के खिलाफ करेली थाने में एडीए ने कुल सात एफआईआर दर्ज कराई हैं। बता दें, मंगलवार को शहर पश्चिमी में प्रशासन, पुलिस और एडीए के संयुक्त अभियान में अतीक अहमद और उनके करीबियों की ओर से बसाई गई अलीना सिटी, अहमद सिटी समेत करीब डेढ़ दर्जन अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर निर्माण और चहारदीवारियां जमींदोज कर दी गईं थीं। उसके बाद एडीए ने करेली थाने में सभी के खिलाफ अलग-अलग तहरीर दी।
अवर अभियंता सतीश कुमार यादव की तहरीर पर वीरमपुर में अवैध प्लाटिंग करने पर अतीक अहमद के करीबी इमरान पुत्र मो.जई निवासी चकिया, जुबैर अहमद निवासी करेली, शौक मोहम्मद उर्फ मुन्ना बीड़ी निवासी दायरा शाह अजमल समेत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। बताया जाता है कि इस इलाके में अधिकांश अतीक अहमद की बेनामी संपत्ति है। अतीक एवं उसके खास रिश्तेदारों ने सैकड़ों बीघा क्षेत्रफल में बसाई गईं इन कॉलोनियों के लिए कुछ जमीन ग्राम सभा, जबकि कुछ स्टेट लैंड की जमीन कब्जा की थीं। एडीए के मास्टर प्लाट के हिसाब से यह कृषि उपयोग की भूमि है लेकिन इसके बावजूद यहां कई वर्षों से लगातार प्लाटिंग की जा रही थी।
इसी तरह दूसरी एफआईआर सैदपुर खास करेहंदा रोड पर अवैध प्लाटिंग के आरोप में पूर्व विधायक वाचस्पति के अलावा फहीम समेत वहां रहने वाले सभी लोगों के खिलाफ कराई गई है। तीसरी एफआईआर भी यहीं प्लाटिंग करने वाले कामरान अहमद, रोहित उपाध्याय, जीशान अहमद, जावेद जाफरी समेत जमीन खरीदने वाले अन्य लोगों के खिलाफ कराई गई है। इसी तरह चौथी एफआईआर एडीए के पीएन पांडेय ने इमरान, शेख अबरार, तारिक दरियाबाद एवं अन्य अज्ञात के खिलाफ कराई है। पांचवीं एफआईआर भी पीएन पांडेय ने ही बक्सी मोड़ा में अवैध प्लाटिंग के आरोप में इमरान, जुबैर, शौक अहमद, कम्मो, जाबिर, नूर हमजा, बब्बा, जैद खालिद, तारिक एवं अन्य अज्ञात के खिलाफ कराई है। छठी एफआईआर भी यहीं पर अवैध प्लाटिंग के आरोप में मो.गुल बहार एवं अन्य अज्ञात के खिलाफ जबकि सातवीं एफआईआर ऐनुद्दीन बिसौना में अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई है।
बता दें कि मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करेली समेत आसपास के इलाकों में करीब 1200 बीघे क्षेत्रफल में हुई अवैध प्लाटिंग ध्वस्त कर दी गई थी। एक हजार से अधिक चहारदीवारी, अर्धनिर्मित भवन और करीब सौ मकान व दुकानें गिराईं गईं थीं हालांकि इन कॉलोनियों में अभी भी प्लाटिंग की जा रही है और ज्यादातर लोगों ने सिर्फ बाउंड्री बनाकर जमीन घेरी है। वहीं, एडीए प्रशासन का कहना है कि इस इलाके में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की रणनीति तय की जा रही है।