शिकायतकर्ता प्रीतम सिंह ने बताया है कि खराब बर्फी खाने के कारण लोगों की तबीयत खराब हुई है।
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रक्षा बंधन का त्योहार करीब आते ही बाजार में नकली खोवा का कारोबार तेज हो गया है। अगर आपको अपनी सेहत की फिक्र है तो त्योहार में खोवा से बनी मिठाई से दूर रहें। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शुक्रवार को सोरांव में छापा मारकर नकली खोवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी मात्रा में नकली खोवा पकड़ा। यह खोवा स्किम्ड मिल्क और वनस्पति से बनाया जा रहा था। खोवा समेत स्किम्ड मिल्क और वनस्पति सीज कर दिया गया। साथ ही रानीमंडी में 40 किग्रा सूजी का हलुआ सीज किया गया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने अकारीपुर सोरांव में अनिल और सोनू यादव को वनस्पति एवं स्किम्ड मिल्क से नकली खोवा बनाते और बेचते हुए पकड़ा। अनिल उर्फ मुन्ना के कब्जे से दो बोरी स्किम्ड मिल्क पाउडर एवं तीन डिब्बा (45 किग्रा) वनस्पति बरामद किया गया। मौके पर मिला 70 किलो खोवा नष्ट करा दिया गया और नमूना लेकर जांच के लिए विभागीय प्रयोगशाला भेज दिया गया। सोनू यादव के पास 40 किग्रा खोवा बरामद किया गया, जिसका नमूना जांच के लिए भेजा गया और बाकी खोवा मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। वहां मिले 15 किग्रा वनस्पति और एक बोरी स्किम्ड मिल्क पाउडर को सीज कर दिया गया। स्किम्ड मिल्क पाउडर का नमूना भी जांच के लिए भेजा गया।
इसके अलावा रानीमंडी में सुरेश कुमार के प्रतिष्ठान में छापा मारा गया। इस दौरान वहां से ख्शोवा, सूजी हलुआ और छेना मिठाई के नमूने लिए गए। टीम को मौके से 40 किग्रा (पांच-पांच किग्रा के पैकेट में) सूजी का हलुआ मिला। पैकेट पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, इंग्रेडियंट्स, निर्माता का नाम आदि से संबंधित सूचना अंकित नहीं थी और न ही विक्रेता के बारे में कोई जानकारी दी गई थी। संदेहास्पद पाए जाने पर सूजी का हलुआ सीज कर दिया गया। विभाग के अभिहित अधिकारी हरिमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि सभी नमूने जांच के लिए लखनउ स्थित प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।