कचहरी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष की इलाज के दौरान मौत पर जमकर बवाल हुआ। मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर नर्सिंगहोम में जमकर तोडफोड़ की और फिर डॉक्टर को बंधक बनाकर लोहे की राड, डंडे, बेल्ट से तकरीबन आधे घंटे तक जमकर पीटा। जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल डॉक्टर को नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत गंभीर बतायी जा रही है। घटना के बाद डॉक्टरों में खासा आक्रोश है। आक्रोशित डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर इलाहाबाद-लखनऊ राजमार्ग पर जाम लगाया। वहीं घटना के विरोध में एसआरएन अस्पताल सहित इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के सभी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।
कटघर निवासी वीरेंद्र प्रताप जायसवाल नगर पंचायत सरायअकिल के पूर्व चेयरमैन थे। किडनी व लीवर की गंभीर बीमारी के कारण उन्हें कचहरी के पास स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार रात आठ बजे भर्ती कराया गया। भोर में तीन बजे जब उनकी हालत बिगड़ने लगी तो ड़्यूटी पर तैनात स्टाफ ने गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर रोहित गुप्ता को बुलाया। डॉक्टर गुप्ता तत्काल घर से अस्पताल पहुंचे लेकिन स्थिति बेहद गंभीर होने से इलाज के दौरान ही मरीज की मौत हो गई।
वीरेंद्र प्रताप की मौत होते ही परिजन आपे से बाहर हो गए। उन्होंने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। पहले तो उन्होंने नर्सिगहोम आईसीयू में जमकर तोड़फोड़ की और फिर डॉ.गुप्ता पर हमला बोल दिया। परिजन लोहे की राड, डंडे व बेल्ट से तकरीबन बीस मिनट तक लगातार डॉक्टर गुप्ता की पिटाई करते रहे। डॉक्टर गुप्ता जान बचाने की गुहार लगाते रहे लेकिन अस्पताल में मौजूद कोई भी डॉक्टर, कर्मचारी मदद को आगे नही आया। डॉक्टर गुप्ता ने घटना की जानकारी पुलिस को देनी चाही तो आरोपी हमलावरों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। आखिरकार घटना के डेढ़ घंटे बाद पुलिस पहुंची और खून से लथपथ डॉक्टर गुप्ता को फीनिक्स अस्पताल पहुंचाया। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।