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कब तक आजाद रहेंगे डॉ. बंसल के हत्यारे

Wed, 07 Jun 2017 01:59 AM IST
इलाहाबाद
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शहर के नामचीन सर्जन डा, एके बंसल की करीब छह महीने पहले हुई हत्या आज भी राज बनी हुई है। इसी साल 12 जनवरी को शाम साढ़े छह बजे उन्हीं के हॉस्पिटल के अंदर चेंबर में घुसकर दो शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय हत्या के खुलासे का राजनेताओं और पुलिस ने वादा भी किया था। उन दिनों सपा सरकार थी और भाजपा सरकार के भी दो महीने हो गए लेकिन जांच किस दिशा में जा रही है, कुछ पता नहीं। इलाहाबाद में मुख्यमंत्री आए लेकिन डॉ. वंदना को मुलाकात का समय नहीं मिला। यहां के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री से मदद के लिए उन्होंने समय मांगा लेकिन जवाब नहीं मिला है। डॉ. वंदना को लगता है कि लोग भूल गए हैं कि डॉ. बंसल शहर के बड़े सर्जन हुआ करते थे।
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डॉ. बंसल हत्याकांड की कुछ दिनों तक तो स्थानीय पुलिस जांच करती रही। स्थानीय स्तर पर पुलिस को कामयाबी नहीं मिली तो प्रदेश सरकार ने यह जांच एसटीएफ को सौंप दी। करीब दो महीने पहले एसटीएफ के एसपी अमित पाठक ने इलाहाबाद आकर कुछ जानकारी जुटाईं और संकेत दिए थे कि वह इस केस के खुलासे के करीब हैं। उसके बाद से स्थानीय स्तर पर कोई सरगर्मी नहीं दिख रही। पिछले महीने तक स्थानीय स्तर पर निवर्तमान एसएसपी शलभ माथुर जांच जारी होने और जल्द ही खुलासे का आश्वासन देते रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ तीन जून को दो दिन के लिए इलाहाबाद आए थे। अन्य पीड़ितों की तरह डॉ. वंदना बंसल सीएम से मिलकर अपनी वेदना व्यक्त करना चाहती थीं। यहां के राजनेताओं के माध्यम से मिलने के लिए दो मिनट का समय भी मांगा था लेकिन वह मुलाकात नहीं करा पाए। इससे ज्यादा दुख तो उन्हें इस बात का है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सामने अपनी बात कहने का समय नहीं मिला। कई बार मुलाकात के प्रयास किए लेकिन बात नहीं हुई। पिछले महीने लखनऊ में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने एक समारोह में डा. वंदना को सम्मानित किया था। उस वक्त ज्यादा बात नहीं हो सकती थी इसीलिए मंत्री ने खुद इलाहाबाद में मिलने का समय देने की बात कही लेकिन उनसे भी मुलाकात नहीं हुई।
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