इलाहाबाद। रिटायर्ड डीआईजी स्टांप के बेटे धीरज सिंह के कातिल की पहचान हो गई है। हत्यारा मुट्ठीगंज क्षेत्र का रहने वाला है। घटना के बाद से ही वह फरार है। उसका मोबाइल बंद है लेकिन पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई है। क्राइम ब्रांच और सिविल लाइंस की टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं। अब तक की जांच के अनुसार कातिल से धीरज सिंह की कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी। घटना के वक्त ही ऐसा कुछ हुआ जिसके बाद उसने गोली चला दी।
अल्लापुर के रहने वाला रिटायर्ड डीआईजी स्टांप का बेटा धीरज सिंह पिछले एक जून को अपनी पत्नी निधि के साथ दोस्ती की सालगिरह बनाने निकले थे। सिविल लाइंस में पुलिस हेडक्वार्टर के पास स्थित एक ढाबे के पास दोनों कार से पहुंचे। वहीं धीरज उतरकर ढाबे जाने लगे तभी दो बदमाश उनकी गाड़ी में बैठ गए। निधि ने विरोध किया तो उन्होंने गोली चला दी। गोली निधी के हाथों को छूती हुई निकल गई। तब तक धीरज पहुंच गए। ड्राइविंग सीट पर बैठे बदमाश ने धीरज को गोली मार दी जिसमें उनकी मौत हो गई। घटना के खुलासे में जुटी पुलिस को एक चश्मदीद मिल गया।
उसी के बयान और निधि के बताए हुलिये के आधार पर पुलिस मुट्ठीगंज के रहने वाले बदमाश तक पहुंच गई। पता चला कि घटना के बाद से वह फरार है। उसने अपने अपना मोबाइल भी बंद कर रखा है। हालांकि पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई है। उसका साथी दारागंज का रहने वाला है। क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक अपराधी साइको है। उसने पहले भी गोली मारकर लूट की वारदातें की हैं। इलाहाबाद और आस पास के जिलों से वह पांच बार जेल जा चुका है। उसने पिछले साल अल्लापुर में भी एक व्यक्ति को गोली मारकर लूटा था। सूत्रों के मुताबिक पुलिस उसके बेहद करीब है। एक दो दिन में उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।