यमुनापार में चाका के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और भू माफिया दिलीप मिश्र का औद्योगिक क्षेत्र में मसिका मोड़ स्थित हॉस्टल मंगलवार को पुन: सील कर दिया गया। एसडीएम विनय कुमार सिंह, सीओ करछना के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। भूमाफिया के अन्य ठिकानों पर भी यह कार्रवाई होनी थी लेकिन अचानक नैनी में हत्या के चलते सिर्फ हॉस्टल ही सील करने के बाद कार्रवाई रोक दी गई। सीओ ने मर्डर के चलते हॉस्टल भर ही सील किया गया।
एसडीएम करछना विनय कुमार सिंह और सीओ अलका भटनागर ने बताया कि 2008 में गैंगेस्टर के मामले में दिलीप मिश्र की कई संपत्तियों को कुर्क कर सील किया गया था। सूबे की सरकार बदलने के बाद दिलीप मिश्र ने सील संपत्तियों पर दोबारा कब्जा कर लिया गया। शासन के आदेश पर दोबारा माफियाओं और बदमाशों को चिन्ह्ति किया गया। जिसमें माफिया पूर्व ब्लॉक प्रमुख का नाम नौवें नंबर पर है। दिलीप मिश्र के खिलाफ औद्योगिक क्षेत्र, नैनी समेत शहर के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी, धमकी, गैंगेस्टर समेत कई मामले दर्ज है। जिले की भूमाफियाओं की सूची में माफिया पूर्व ब्लॉक प्रमुख का नाम नौवें नंबर पर है।
एसडीएम और इंस्पेक्टर औद्योगिक क्षेत्र रमेश चंद्र रावत ने बताया कि पूर्व में डीएम के आदेश पर दिलीप मिश्र की संपत्ति को कुर्क कर सील किया गया था। जांच के दौरान पाया गया कि सील हॉस्टल का ताला तोड़कर पुन: कब्जा कर लिया गया है। इस मामले में औद्योगिक क्षेत्र थाने में लगभग दस दिन पहले दिलीप मिश्र के खिलाफ दरोगा श्याम सुंदर दुबे की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया है। इंस्पेक्टर रमेश चंद्र रावत के मुताबिक पूर्व प्रमुख के लवायन कला स्थित गांव के बगल स्थित एक मकान, अरैल में भाई के नाम पर खरीदे गए मकान समेत अन्य संपत्तियों को पुन: सील किया जाएगा।