शहर में एक जून की रात हुए सनसनीखेज धीरज हत्याकांड का खुलासा हो गया है। पुलिस ने बुधवार की शाम साइको क्रिमिनल अनुज अग्रवाल को रोडवेज वर्कशाप के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वह पिस्टल बरामद कर ली गई है जिससे कत्ल किया गया था। धीरज और उसके साथी पवन हजारी ने दारू पीने के बाद जब स्टार्ट कार देखी तो यूं ही घूमने के लिए कार लूटने का इरादा बना लिया। जब धीरज ने विरोध किया तो उसे गोली मार दी।
धीरज हत्याकांड में पुलिस को एक चश्मदीद मिल जाने के बाद यह बात साफ हो गई थी। ऊंचामंडी क्षेत्र का रहने वाला अनुज अग्रवाल ही कातिल है। पुलिस उसके घर पहुंची तो पता चला कि उसके घरवाले यहां से कानपुर शिफ्ट हो गए हैं। पुलिस टीम तुरंत कानपुर पहुंची लेकिन वह घर पर नहीं था। पता चला कि वह 31 की रात वह फतेहपुर के मलवा के रहने वाले अपराधी विपिन हजारी के साथ इलाहाबाद आ गया था। उसकी तलाश में दबिश तेज हो गई। अनुज के मोबाइल से उसकी लोकेशन कानपुर मिल गई थी लेकिन उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया था। बुधवार की शाम क्राइम ब्रांच की टीम और इंस्पेक्टर सिविल लाइंस मनोज तिवारी की टीम ने उसे रोडवेज वर्कशाप के पास से दबोच लिया। उससे वह पिस्टल भी बरामद हो गई, जिससे हत्या की गई थी। एसएसपी आनंद कुलकर्णी शाम को खुद सिविल लाइंस थाने पहुंचे। अनुज अग्रवाल ने पूरी कहानी कुछ यूं बताई।
‘मैं और मेरा दोस्त पवन हजारी अक्सर इलाहाबाद आते थे। मेरा ऊंचामंडी वाला मकान बेचने के लिए कुछ लोगों से बात करने इस बार यहां आया था। हम लोग 31 मई को इलाहाबाद आए और सिविल लाइंस स्थित एक होटल में ठहर गए। एक जून की शाम से हम लोगों ने शराब पीनी शुरू कर दी। रात में करीब दस बजे होटल से बाहर निकले और ई रिक्शा पकड़कर हरीश ढाबे पहुंचे। हम दोनों पूरी तरह से नशे में धुत थे। सामने एक स्टार्ट गाड़ी खड़ी थी। मैंने और विपिन ने बात की कि चलो इस कार को उड़ा ले चलें। इसी इलाहाबाद घूमा जाए। विपिन ड्राइविंग सीट पर बैठा। मैं पीछे बैठ गया।
तभी कार में बैठी महिला शोर मचाने लगी। विपिन ने हैंडब्रेक हटाया तो कार कुछ कदम आगे बढ़ी और बंद हो गई। महिला ने भागने का प्रयास किया तो उस पर मैंने गोली चला दी। तब तक एक आदमी आया, उसने कार का दरवाजा खोलकर विपिन को बाहर घसीटने की कोशिश की। यह देख मैंने उसे गोली मार दी। घटना के बाद भागते हुए मैं गिर पड़ा और मेरे पैरों में चोट आ गई। किसी तरह से हर्ष होटल तक पहुंचा और वहां से सीधे स्टेशन और फिर हम दोनों कानपुर भाग निकले।’
अनुज अग्रवाल साइको क्रिमिनल है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस मनोज तिवारी ने बताया कि घटना वाली रात कोई भी बात नहीं थी। बस अनुज के अंदर का शैतान जाग गया और उसने गोली चला दी। उसके खिलाफ चार पांच मुकदमे दर्ज हैं। इस समय उसका परिवार कानपुर में शिफ्ट हो गया है। उसने जार्जटाउन, सिविल लाइंस, मुट्ठीगंज, कोतवाली, कानपुर और फतेहपुर इलाकों में अपराधों को अंजाम दिया है। वह पेट्रोल पंप लूट में भी शामिल रहा है। बात बात पर गोली चलाना उसकी फितरत में शामिल है। मुट्ठीगंज थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट खुली है। इसके बाद परिवार वाले यहां से कानपुर चले गए।
अनुज अग्रवाल के साथ जो शातिर अपराधी कार की ड्राइविंग सीट पर बैठा था, वह मलावा फतेहपुर का रहने वाला विपिन हजारी है। विपिन मलावा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इन दिनों कानपुर में रह रहा है। कानपुर रहने के दौरान अनुज और हजारी की दोस्ती हुई। दोनों साथ में वारदातों को भी अंजाम देने लगे। शराब पीकर छोटी मोटी लूट करना दोनों का रोज का काम था। ब्रांडेड जूते, जींस के अलावा मंहगे होटलों में रुकना दोनों पसंद करते थे। पैसों की भरपाई दोनों लूट से करते थे।
धीरज हत्याकांड का खुलासा हो गया है। मुख्य आरोपी अनुज गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ की तलाश हो रही है। उम्मीद है कि कल तक उसकी भी गिरफ्तारी हो जाएगी। आनंद कुलकर्णी, एसएसपी इलाहाबाद।
खुलासे से घर वाले संतुष्ट, कहा सुरक्षा चाहिए
धीरज हत्याकांड के खुलासे से घर वाले संतुष्ट हैं। पत्नी निधि और भाई संतोष ने बताया कि उन लोगों ने खुलासे से राहत की सांस ली है। मुख्य अपराधी का एक गिरोह है, इस कारण उन्हें जान का खतरा भी हो सकता है। उन्होंने एसएसपी से सुरक्षा की गुहार भी लगाई है। भाई का कहना है कि एसएसपी ने उन्हें आश्वस्त किया है। वरासत का जो लाइसेंस हैं, उन्हें दिया जाएगा। इसके साथ सुरक्षा पर भी प्रशासन विचार कर रहा है।