इलाहाबाद। चेक की क्लोनिंग कर रकम उड़ाने वाले गिरोह के तीन शातिरों को एसटीएफ लखनऊ ने जार्जटाउन इलाके से पकड़ा है। पकड़े गए शातिरों में एक एसबीआई मेडिकल कॉलेज शाखा का चपरासी भी शामिल है। पकड़े गए शातिरों के खिलाफ जार्जटाउन थाने में मुकदमा लिखकर जेल भेज दिया गया। अन्य तीन आरोपियों की एसटीएफ को अब भी तलाश है।
एसटीएफ लखनऊ यूनिट के इंस्पेक्टर एनआर दोहरे ने बताया कि कुछ महीने पहले साईं ट्रस्ट महाराष्ट्र के खाते से लाखों रुपये फर्जी चेक से निकालने का मामला सामने आया था। लखनऊ एसटीएफ ने इस गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया था। जिसमें करेली के तुलसीपुर मोहल्ला निवासी मो. नदीम का नाम सामने आया। नदीम की तलाश एसटीएफ को कई महीने से थी। एसटीएफ की टीम ने बुधवार को नदीम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद राकेश गौड़ और अमजद भी पकड़ में आ गए।
राकेश गौड़ एसबीआई मेडिकल कॉलेज शाखा में चपरासी है। उसे बैंक से ही एसटीएफ की टीम ने दबोचा। इंस्पेक्टर दोहरे के मुताबिक नदीम महाराष्ट्र से शिकार की खोज कर नंबर हासिल कर लेता था। उसके बाद बैंक के चपरासी राकेश से संपर्क करता था। राकेश किसके खाते कितनी रकम है, आसानी से पता कर लेता था। इंस्पेक्टर एनआर दोहरे ने बताया कि नदीम का साथी अमजद क्लोनिंग कर फर्जी चेक तैयार करता था।
फर्जी चेक का माइकर नंबर भी बदल देता था। इससे वे चेक का भुगतान करा लेते थे। इतनी मदद के बदले राकेश को भी हिस्सा मिलता था। पूछताछ में उसने बताया कि अब तक उसे लगभग दस लाख रुपये मिले थे। ज्यादातर चेक पकड़े जाने का हवाला देकर रकम नहीं दी जाती थी। पूछताछ में अतरसुइया के विक्की उर्फ चेतन, रसूलपुर के नियाज उर्फ बॉबी और सोमेश उर्फ कौसेन का नाम सामने आया है। एसटीएफ एनआर दोहरे की तहरीर पर जार्जटाउन थाने में राकेश कुमार गौड़, मो.नदीम, मो.अमजद, विक्की उर्फ चेतन, नियाज उर्फ बॉबी और सोमेश उर्फ कौसेन के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचना समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही हैं। पकड़े तीन आरोपियों को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया गया। जबकि अन्य तीनों की तलाश की जा रही है।