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आखिर लौटा महीनों से लापता मालखाना प्रभारी

Fri, 15 Jan 2016 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मालखाना में जमा एक करोड़ 62 लाख रुपये के मामले में कई महीने से लापता मालखाना प्रभारी राजेंद्र कुमार बृहस्पतिवार को खुद नैनी थाने आ गया। उसने कहा कि वह बीमारी की वजह से नई तैनाती पर नहीं जा सका था। इसी वजह से चाभी लेकर नैनी भी नहीं आ सका। पुलिस ने उससे कहा कि वह घर से चाभी मंगाए। डीएम-एसएसपी के आदेश पर गठित टीम के सामने शनिवार को मालखाना खोल नोटों की गिनती की जाएगी।
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करीब डेढ़ साल पहले पुलिस ने यूनिवर्सल मल्टी क्रेडिट कंपनी के कर्मचारियों को गिरफ्तार गबन के एक करोड़ 86 लाख रुपये रुपये बरामद किए गए थे। इनमें एक करोड़ 62 लाख रुपये सीलकर नैनी थाने के मालखाना में रखे गए थे। पिछले साल सितंबर में कंपनी के चेयरमन राजकुमार राय की अर्जी पर कोर्ट ने नैनी थाना प्रभारी को मालखाना में जमा रकम रिलीज करने का आदेश जारी किया, मगर कई बार थाने जाने पर भी रकम अवमुक्त नहीं की गई। कहा गया कि तत्कालीन मालाखाना प्रभारी राजेंद्र कुमार छह महीने पहले भदोही तबादला होने के बाद से लापता हैं।

वह नई तैनाती वाली जगह नहीं पहुंचा और न तो नैनी थाने में मालखाना की चाभी जमा की। राजेंद्र का मोबाइल फोन बंद था। ऐसे में चेयरमैन की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के मद्देनजर एसएसपी और डीएम ने तहसीलदार और सीओ के नेतृत्व में टीम गठित की जिसके सामने मालखाना खोलकर नोटों की मशीन के जरिए गिनती की जानी है।
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सभी नोटों की फोटोस्टेट कॉपी भी की जानी है। इस बारे में कोर्ट से नोटिस जारी होने पर बृहस्पतिवार को पूर्व मालखाना मोहर्रिर राजेंद्र कुमार नैनी थाने पहुंच गया। उसने कहा कि वह पिछले कई महीने से दिल की बीमारी से जूझ रहा है, इसलिए वह ड्यूटी पर नहीं जा सका। इस बीमारी के कारण ही वह नैनी थाने में मालखाना की चाभी सौंपने नहीं आ सका था। उसने नैनी थाना प्रभारी रमेश पांडेय से कहा कि मालखाना में जमा एक पैसा भी नहीं हटाया गया है। राजेंद्र ने अपने घर फोनकर चाभी मंगाई। थाना प्रभारी के मुताबिक, फिलहाल राजेंद्र ने बीमारी का कोई प्रमाण नहीं दिया है। चाभी मंगाकर पहले से गठित टीम के समक्ष मालखाना खोलकर सभी नोटों की गिनती कराई जाएगी।
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