नोइंट्री के दौरान बिना बिल्टी के शहरी सीमा में ट्रक पास कराने से रोकने पर ट्रैफिक सिपाही और होमगार्ड पर हमले के आरोपियों को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। पूछताछ में जिन दो आरोपियों को नाम सामने आया है कि पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। हमले के बाद बहादुरी दिखाते हुए आरोपियों को पकड़ने वाले सिपाही मुन्सी सिंह यादव और होमगार्ड इंद्रजीत को एसएसपी ने पांच हजार रुपये इनाम दिया है।
पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में एसएसपी वीपी श्रीवास्तव और एसपी ट्रैफिक राजकमल यादव ने बताया कि बुधवार रात फोर्ट रोड चौराहे पर ट्रैफिक सिपाही मुन्सी सिंह यादव और होमगार्ड इंद्रजीत की ड्यूटी थी। वे चेकिंग कर बिना बिल्टी वाली ट्रकों को शहर की सीमा में घुसने रोक रहे थे। तभी कार सवार आधा दर्जन असलहाधारी पहुंचे और जाम का हवाला देते हुए जबरन बैरियर गिरा दिया और सिपाही और होमगार्ड को असलहा दिखाते हुए ट्रकों को पास करानेे लगे। दहशत फैलाने के लिए हवाई फायर भी किया। सूचना पर कई थानों की फोर्स और पुलिस अफसरों के पहुंचने के बाद एसएसआर के लैब टेकभनीशियन बताने वाले राजरूपपुर के जितेंद्र सिंह, डांडी के अशोक कुमार और बाई का बाग के सगे भाई वसीम और अल्ताफ को दबोच लिया।
तलाशी में उनके पास से दोनली बंदूक , पिस्टल और कारतूस बरामद हुआ। जो कि जितेंद्र का था। पूछताछ में चारों ने बताया कि उनका एक गिरोह है। उन्हें एक बार में ट्रक पास कराने पर पांच से सात हजार रुपये मिलता है। जिससे उनका समय, डीजल और टोल टैक्स की बचत होती है। आरोपियों के पास खुद की भी ट्रकें है और वे दूसरी चालकों की ट्रक पास कराने का ठेका लेते हैं। पूछताछ में बताया वे एक साथ 10 से 15 ट्रक लेकर चेकिंग स्थल पर पहुंचते हैं। इसके बाद कार से असलहा लेकर कार में ट्रक के पीछे पहुंच जाते हैं।
जाम का हवाला देकर सिपाहियों पर रौब गांठते है और जबरन बैरियर गिराकर एक साथ दर्जन भर से अधिक ट्रक पास करा देते हैं। आरोपियों के खिलाफ दारागंज थाने में सरकारी काम में बाधा, सरकारी कर्मचारी पर हमला, जानलेवा, धमकी समेेेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी ट्रैफिक राजकमल यादव ने बताया कि दो अन्य आरोपियों का नाम सामने आया है। उनकी तलाश की जा रही है।एसएसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर और असलहों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।