डॉ. एके बंसल हत्याकांड के तीन चश्मदीदों के बयान से जुड़ी खबर रविवार को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने पर जांच टीमों में हलचल मच गई। इन चश्मदीदों से अब तक किसी टीम ने बात नहीं की थी जबकि वे शूटरों के बारे में अहम जानकारी दे रहे हैं। उनकी तुलना में हॉस्पिटल के तीन चश्मदीद कर्मचारियों ने कुछ भी खास नहीं बताया जबकि उन्होंने देखा सब कुछ है। अमर उजाला में खबर देखने के बाद रीवा के उन चश्मदीदों से संपर्क किया गया है।
डॉ. बंसल पर चैंबर में हमले के दौरान रीवा से इलाज को आए बुजुर्ग वैद्यनाथ के साथ उनकी बेटी माला, पुत्र बृजेश और भतीजा हीरालाल पांडेय मौजूद थे। माला और हीरालाल चैंबर के बाहर बेंच पर बैठे थे तभी गोलियां मारकर शूटर बाहर निकला और दूसरे बदमाश के साथ पिछले रास्ते से भागा था। कुछ मिनट पहले चैंबर में डॉ. बंसल ने वैद्यनाथ का चेकअप किया तब वहां पुत्र बृजेश मौजूद था। उसने अमर उजाला को बताया कि उसके सामने डॉ. बंसल ने दो लोगों को यह कहकर चैंबर से बाहर कर दिया था कि तुम लोग जाओ, अभी काम नहीं हो पाएगा। फिर वह अपने पिता के अल्ट्रासाऊंड स्कैन के लिए पर्ची कटवाने के लिए गया था तभी चैंबर में घुसकर शूटर ने डॉक्टर को गोलियां मारीं और फरार हो गया।
बृजेश ने जिन दो लोगों को चैंबर में देखा और बाहर बैठे उसके चचेरे भाई और बड़ी बहन ने जिन दो लोगों को गोलियां मारकर भगाते देखा था, उनका हुलिया समान है। ऐसे में यह शक होता है कि डॉक्टर ने जिन्हें चैंबर से निकाला, कुछ मिनट बाद उन्होंने ही वारदात की थी। अमर उजाला में इन तीन चश्मदीदों की खबर देख एसटीएफ और क्राइम ब्रांच के अधिकारी चौंक गए। रीवा के मनगवां से बृजेश और उसके भाई हीरालाल से संपर्क किया गया। उन दोनों को डॉक्टर के कत्ल में जांच में मदद करने का हवाला देकर बयान देने के लिए इलाहाबाद बुलाया गया है। अगर उनकी बात सही साबित होती है तो यह अहम तथ्य होगा। जिन्हें डॉक्टर ने डांटा था अगर शूटर वहीं हैं तो इसका यह भी मतलब है कि शूटरों को किसी न किसी तरह डॉ. बंसल जानते थे।
हॉस्पिटल से बैरहना तक देखे सीसीटीवी फुटेज
इलाहाबाद। डॉक्टर को गोलियां मारकर जीवन ज्योति हॉस्पिटल के पिछले गेट से फरार हुए दोनों बदमाश बाई का बाग चौराहे की तरफ जाते दिखे थे। बाहर निकलकर वे किस गाड़ी से किधर भागे, यह तो साफ नहीं हो सका लेकिन अनुमान है कि वे बाइक पर बैरहना की तरफ गए होंगे। यह भी संभव है कि बदमाश नया पुल पारकर नैनी होते यमुनापार के किसी इलाके में जाकर छिप गए हों। ऐसे में क्राइम ब्रांच ने बाई का बाग से बैरहना तक सीसीटीवी कैमरों के बारे में पता किया। रास्ते में तीन कैमरे लगे मिले। मगर उन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में क्या दिखा, इस बारे में क्राइम ब्रांच ने गोपनीयता बना रखी है। नए यमुना पुल पर टोल टैक्स प्लाजा में लगे कैमरों की भी फुटेज देखी गई है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि ज्यादा संभावना इस बात की है कि दोनों बदमाश किसी बाइक पर फरार हुए थे।