दशहरा मेला की रात झलवा इलाके में रंजना त्रिपाठी की गला और पेट काटकर हत्या के मामले में आरोपी मौसेरे देवर शिवाकांत पांडेय उर्फ रिंकू को धूमनगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कत्ल में इस्तेमाल चाकू सरीखा औजार भी झाड़ी से बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि युवक ने जलील कर घर से भगाने पर यह वारदात अंजाम दी थी। उसने महिला के पति को धमकाया था कि उसे गोली से उड़ा देगा।
झलवा में रहने वाले भवन निर्माण ठेकेदार संतोष त्रिपाठी की पत्नी रंजना त्रिपाठी का कत्ल 14 अक्तूबर की रात करीब 11 बजे घर के भीतर किया गया था। पति दशहरा मेला घूमने गया था। बड़ी बेटी नेहा कुछ दूर पर मौसी के घर में थी जबकि तीन बच्चे बगल के कमरे में सोए थे। रंजना के गले और पेट पर धारदार औजार से वार किए गए थे। दूसरे दिन ही साफ हो गया कि कत्ल में रंजना के मौसेरे देवर शिवाकांत पांडेय उर्फ रिंकू का हाथ है। दरअसल, संतोष की मौसी का परिवार भी बगल के मकान में रहता है। पांच मौसेरे भाइयों में रिंकू सबसे छोटा है। उसे कुछ दिन पहले रंजना की शिकायत पर संतोष ने सबके सामने पीटकर घर से निकाल दिया था। तब से वह कानपुर और दिल्ली में दोस्तों के पास रह रहा था।
घर से जाते वक्त उसने संतोष और रंजना को मार डालने की धमकी दी थी। पता चला कि कत्ल वाली रात वह झलवा आया था। एक दोस्त से भी फोन पर उसने बताया था। तलाश शुरू होने पर वह भागने लगा। धूमनगंज पुलिस ने रिंकू को रविवार रात झलवा इलाके में पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर घर से कुछ दूर पर झाड़ी में चाकू जैसा वह औजार भी बरामद कर लिया जिससे रंजना का कत्ल किया गया था। रिंकू का कहना है कि जलील किए जाने से वह बौखलाया था इसलिए यह वारदात की। हालांकि वह पकड़े जाने पर शुरू में कत्ल से इनकार करता रहा। पुलिस से बोला कि वह रंजना को मां की तरह मानता था। मगर पूछताछ में वह टूट गया और सच्चाई कुबूल ली। दरअसल, रंजना की एक बेटी ने भी रिंकू को घटना के दौरान देख लिया था।