सिविल लाइंस स्थित यूको बैंक में करोड़ों की चोरी के मामले में बुधवार को लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया। उधर जांच में जुटी टीमों ने 500 से ज्यादा मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाने के साथ ही मालदा और झारखंड में दबिश दी है। हालांकि अब तक चोरों के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं हो सकी है। पुलिस अफसरों का कहना है कि कई लोगों से पूछताछ की गई है। बदमाशों की तलाश जारी है।
सिविल लाइंस में सरदार पटेल मार्ग स्थित यूको बैंक की मुख्य शाखा में 29 अप्रैल की रात घुसे तीन चोर 16 लॉकर तोड़कर करोड़ों का माल उठा ले गए थे। तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को बैंक खुला तो स्टाफ को घटना की जानकारी हुई। चोर गैस कटर से दरवाजा काटकर स्ट्रांग रूम के भीतर दाखिल हुए थे। उन्होंने कैश बॉक्स भी काटने की कोशिश की थी। करोड़ों की चोरी की खबर पर जिले भर में सनसनी फैल गई थी। खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमों के अलावा स्वाट, क्राइम ब्रांच के साथ ही एसटीएफ भी लगाई गई है। घटना के बाद से लेकर बुधवार देर रात तक पुलिस टीमों ने ताबड़तोड़ दबिश दी। दो टीमें झारखंड और कोलकाता के मालदा भी पहुंची है। दरअसल इन दोनों जगहों पर रहने वाले गिरोह के लोगों का नाम इस तरह की घटनाओं में पूर्व में सामने आ चुका है। ऐसे में पुलिस का मानना है कि यूको बैंक में भी हुई चोरी की वारदात में भी यहीं के गैंग शामिल रहे हों। फिलहाल चोरों के बारे में अब तक कोई सुराग नहीं हासिल हो सका है। अफसरों का कहना है कि पुलिस कई बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी है। मामले में दर्जनों लोगों से पूछताछ की गई है। कई और लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी। उधर मामले में सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज भुवनेश चौबे को निलंबित कर दिया गया है। प्रथमदृष्टया लापरवाही की बात सामने आने पर एसएसपी की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
जांच में जुटी टीमों को आशंका है कि घटना में शामिल रहे लोगों ने मोबाइल का इस्तेमाल जरूर किया होगा। यही वजह है कि इलाके के ऐसे सभी मोबाइल नंबरों को पुलिस के रडार पर रखा गया है जिनसे 29 अप्रैल की रात से 30 अप्रैल की भोर तक के बीच फोन कॉल की गईं। सूत्रों की मानें तो 500 से ज्यादा नंबर सर्विलांस पर लगाकर निगरानी की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल निकालकर संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी।
उधर दूसरे दिन अखबारों में चोरी की खबर पढ़ने के बाद सैकड़ों ग्राहक सिविल लाइंस स्थित बैंक में पहुंच गए। सभी अपनी मेहनत की कमाई लुटने की आशंका में भयभीत दिखे। वह अपना लॉकर दिखाने की मांग करते रहे। बैंक कर्मचारियों ने शाम को आने की बात कही तो ग्राहकों ने नाराजगी भी जताई। हालांकि शाम को पहुंचे कुछ ग्राहकों को लॉकर दिखाए गए। उधर पुलिस ने बैंक अफसरों से उन लोगों के नाम की सूची मांगी है, जिनके लॉकर तोड़कर चोरी की गई।
उधर सिविल लाइंस पुलिस ने सुभाष चौराहे से लेकर नवाब यूसुफ रोड तक लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बुधवार को कब्जे में ले ली। दरअसल पुलिस का मानना है कि इस बात की पूरी आशंका है कि बदमाश चारपहिया वाहन से बैंक के बाहर पहुंचे होंगे। ऐसे में सुभाष चौराहे से लेकर नवाब यूसुफ रोड तक स्थित सभी दुकानों, प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
फैक्ट फाइल
500 से ज्यादा नंबर लगाए गए हैं सर्विलांस पर
24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली
16 लॉकर तोड़कर चोरों ने उड़ाया था करोड़ों का माल
7 टीमें पुलिस की लगाई गई हैं जांच में
1 चौकी इंचार्ज को किया गया निलंबित