पुलिस के मुताबिक हमीरपुर के सनेडी निवासी देशराज (35) पिछले तीन सालों से बागवानियां के पास नालका गांव में किराये के मकान में रहता था। देशराज यहां पर अकेले रहता था तथा उसकी पत्नी और एक बच्ची भी है जो उसके गांव में रहती है। दिन में जूते का कारोबार करने के अलावा वह सुबह शाम कबाड़ का कार्य भी करता था। नालका गांव में मिला था शव- 5 मार्च को कुछ लोगों ने देशराज का शव नालका गांव के जाने वाले रास्ते से कुछ दूर खेत में पड़ा देखा। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची ओर शव को कब्जे में लिया। सनेड़ पंचायत के प्रधान धरेंद्र सिंह ने बताया कि देशराज 2 मार्च से लापता था। हर रोज बागवानियां अपने काम पर आता था। लेकिन जब दो दिन से नहीं दिखाई दिया तो उसके परिचित लोगों ने उसकी खोजबीन की जिस पर उन्हें इसका शव खेतों में मिला। पंचायत प्रधान ने बताया कि मृतक व्यक्ति शराब पीने का भी आदी था।
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मंगलवार को जसरा सीएचसी में जच्चा, बच्चा की मौत हो गई। गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां दोपहर बाद दोनों की मौत हो गई। जिस पर हंगामा हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। परिजनों ने कार्रवाई की मांग की तो पुलिस परिजनों पर दबाव बनाने लगी। इस पर परिजनों ने शव नहीं उठने दिया। मामला बढ़ते देख पुलिस ने कदम पीछे खींचे। कार्रवाई का आश्वासन दिया तो पुलिस दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए ले जा पाई। मामले में परिजनों ने अस्पताल के स्टॉफ के खिलाफ तहरीर दी है।
दलवाबारी बीकर निवासी मनोज केसरवानी जसरा बारा में किराने की दुकान चलाता है। उसकी पत्नी संगीता केसरवानी (25) गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार सुबह उसे सीएचसी जसरा में भर्ती कराया गया। जहां पर स्टॉफ नर्स और अन्य स्टॉफ परिजनों को बताते रहे कि कुछ देर में बच्चा हो जाएगा। दर्द बढ़ने पर उसे आपरेशन रूम में ले जाया गया। काफी देर तक स्टॉफ ने कोई सूचना नहीं दी तो परिजन घबराए। करीब चार बजे परिजनों को बताया गया कि जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई है। इस पर बवाल शुरू हो गया। सूचना पर संगीता के मायके भगदवा नारीबारी से उसके पिता उमेश केसरवानी और मां आशा देवी भी आ गए।
परिवार के अन्य सदस्य भी आए तो बवाल बढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस से परिजनों ने स्टॉफ पर लापरवाही का आरोप लगाया तो पुलिस ने कार्रवाई के बजाए उल्टा परिजनों पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। जिस पर हंगामा बढ़ गया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो परिजन शांत हुए। इसके बाद देरशाम पुलिस ने दोनों का शव पोस्टमार्टम के लिए ले जा पाई। संगीता के एक बच्ची पहले भी हो चुकी है। मामले में परिजनों ने स्टॉफ के खिलाफ तहरीर दी है। अधीक्षक सीएचसी जसरा डा.तरुण पाठक का कहना है कि मामला गंभीर है। जांच के बाद दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।