इलाहाबाद। हंडिया इलाके में पूर्व ब्लाक प्रमुख की सुरक्षा में तैनात सिपाही की कारबाइन चोरी के बाद सरायइनायत के जमुनीपुर में कथित तौर पर अवैध कारबाइन से फायरिंग की घटना ने पुलिस और क्राइम ब्रांच के कान खड़े कर दिए हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को मौके से उठाकर कारतूस का जो खोखा दिया वह कारबाइन का ही था। मुखबिर से पुलिस को पता चला कि इस गांव में दो कारबाइन समेत कई अवैध असलहे हैं। अब पुलिस और क्राइम ब्रंाच ने कारबाइन बरामदगी को जाल बिछा रखा है लेकिन सफलता नहीं मिल रही। पता चला है कि अवैध असलहे गांव से हटा दिए हैं।
जमुनीपुर गांव में 14 जुलाई की रात रामू बिंद के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। किसी को गोली नहीं लगी लेकिन फायरिंग से गांव में दहशत फैल गई। रामू बिंद ने थाने में शिकायत की लेकिन पुलिस ने टरका दिया। इस पर वह परिजनों के साथ फायरिंग के दौरान गिरे कारतूस का खोखा लेकर एसएसपी के पास पहुंचा। दावा किया गया कि वह खोखा कारबाइन में इस्तेमाल होने वाले कारतूस का है। पुलिस ने भी यही माना।
कारबाइन से फायरिंग ने पुलिस अफसरों को चौंका दिया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से कहा कि हमलावर गुट के पास चोरी की दो कारबाइन और दूसरे अवैध असलहे हैं। एसएसपी ने शिकायत मिलने पर फटकारा तब 16 जुलाई को रामू बिंद की तहरीर पर रामअजोर, नारायण, अलगू तथा सुग्गा बिंद के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की गई। दबंगों के पास कारबाइन होने की जानकारी होने पर एसएसपी ने क्राइम ब्रांच को भी तफ्तीश में लगाया है। इसके बावजूद असलहा मिलना तो दूर आरोपी भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं।
पता चला है कि हमलावर असलहों के साथ दुबावल गांव के कछार में छिपे हुए हैं। वहीं से असलहों को बेचने की भी तैयारी चल रही है। इनके पास और अवैध असलहे होने की भी जानकारी पुलिस को मिली है। शक है कि यह कारबाइन वही हो सकती है जो पिछले महीने हंडिया इलाके में पूर्व ब्लाक प्रमुख के घर में तैनात उनके गनर के पास से चोरी हो गई थी।