इलाहाबाद। नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। इसके लिए पूरा रैकेट चल रहा है, जो कम पढ़े-लिखे युवाओं का शिकार बना रहा है। उन्हें नगर निगम में सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्त कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। इस फर्जीवाड़े का सरगना इलाहाबाद में है। युवाओं से रकम एेंठने वाला सरगना सरकारी कर्मचारी है और चिकित्सा विभाग में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि वह यमुनापार में तैनात है। सफाई कर्मी को फर्जी तरीके से नियुक्ति पत्र जारी करने के मामले में इलाहाबाद के नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय ने लखनऊ के नगर आयुक्त उदय राज सिंह को रिपोर्ट भेज दी है।
नगर निगम में सफाई कर्मचारी के पद पर फर्जी तरीके से नियुक्ति का मामला बृहस्पतिवार को सामने आया। नगर निगम में संदीप कुमार नाम का व्यक्ति पहुंचा। उसके पास लखनऊ नगर निगम से सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्ति का पत्र था। 20 जुलाई को जारी नियुक्ति पत्र में लखनऊ के नगर आयुक्त के हस्ताक्षर हैं। नियुक्ति पत्र में कहा गया है कि सभी मूल पत्रावलियां सात से 12 सितंबर के बीच में इलाहाबाद नगर निगम में जमा करें। इसकी जांच के बाद सफाई कर्मी के पद पर नियुक्ति की जाएगी।
शुक्रवार को संदीप के परिजन नगर निगम में महापौर से मिले और नियुक्ति पत्र दिखाया। फर्जीवाड़े का पता चलने पर महापौर ने नगर आयुक्त को सूचना दी। संदीप के परिजनों ने यह भी बताया था कि नियुक्ति के लिए डेढ़ लाख रुपये चिकित्सा विभाग के कर्मी ने लिए। सूत्रों के मुताबिक यमुनापार में तैनात सरगना ने मांडा, फूलपुर, सोरांव आदि में ऐसे युवाओं को सफाई कर्मी के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूल किए हैं। यह सरगना चिकित्सा विभाग में तैनात एक अफसर है। फर्जी भर्ती के तार सीधे स्वास्थ्य महकमे से जुड़े हैं और इसमें एक सरकारी अधिकारी के लिप्त होने की सूचना को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय ने लखनऊ के नगर आयुक्त उदय राज सिंह को मामले से अवगत करा दिया है।