डिप्टी सीएम केशव मौर्या समेत माननीयों की फौज से सजे दोआबा में भाजपा प्रत्याशियों की निकाय चुनाव में दुर्गति से पार्टी में खलबली मच गई है। पराजय के कारणों की समीक्षा में जुटे संगठन ने माननीयों को निशाने पर ले लिया है। इसके लिए पार्टी ने प्रत्याशियों से खुद की हार के कारणों की पड़ताल करने का निर्देश दिया। खबर है कि उम्मीदवारों ने जिला इकाई के जरिए अपनी रिपोर्ट हाईकमान को भेज दी है।
उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या के गृह जनपद कौशाम्बी में सांसद के साथ ही तीनों विधायक भाजपा के हैं। देश-प्रदेश में पार्टी की सरकार के अलावा माननीयों की फौज से भरे द्वाबा के भाजपाई निकाय चुनाव को लेकर काफी उत्साहित थे। मगर पहली दिसंबर को आए नतीजों ने पार्टी प्रत्याशियों के लचर प्रदर्शन के चलते सभी का उत्साह ठंडा पड़ गया। जिले की छह नगर पंचायतों में सिर्फ एक पर ही पार्टी को जैसे-तैसे सफलता मिल सकी। डिप्टी सीएम के गृहनगर सिराथू में चेयरमैनी तो दूर वार्ड की सभासदी तक भाजपा उम्मीदवार नहीं जीत सके। यहां इतने बड़े अंतर से पार्टी प्रत्याशी की हार हुई कि खुद चुनाव जीतने वाला हैरान हो गया।
मंझनपुर, अजुहा और चायल में भाजपा उम्मीदवार तीसरे पायदान पर खिसक गए। करारी, सिराथू में भले ही पार्टी प्रत्याशी दूसरे पायदान पर रहे हों। मगर मतों का अंतर अप्रत्याशित रहा। इसके अलावा निकायों के 70 वार्डों में से सिर्फ आठ वार्डों में ही भाजपा उम्मीदवार चुनाव जीत सके। बेहद लचर प्रदर्शन से पार्टी में खलबली मची है। हाईकमान ने इसके लिए प्रत्याशियों से उनकी हार के कारणों की रिपोर्ट तलब की है। खबर है कि जिला इकाई के जरिए हाईकमान को भेजी गई रिपोर्ट में उम्मीदवारों ने सारा ठीकरा माननीयों के सिर पर फोड़ दिया है। अब देखना है कि संगठन इस पर क्या कदम उठाता है।