सरायइनायत के उमरी गांव में ईंट-भट्ठा पर मालिकान हक जताने को लेकर दो भाइयों के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद एक पक्ष ने मारपीट और फायरिंग करते हुए दूसरे पक्ष को खदेड़ लिया। युवक जान बचाकर भागा तो उसकी सफारी गाड़ी फूंक दी गई। घटना के बाद खलबली मच गई। सूचना पर सरायइनायत पुलिस पहुंची। पुलिस एक पक्ष की तहरीर पर मुकदमा लिखकर आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
सरायइनायत के विरना मुस्तफाबाद के रहने वाले शिवाजी सिंह, पृथ्वीराज सिंह और धर्मेंद्र सिंह उर्फ दरोगा सगे भाई हैं। शिवाजी अहमदाबाद इफ्को में मैनेजर हैं। जबकि पृथ्वीराज सिंह इंडियन ऑयल कोलकाता हल्दिया में मैकेनिकल इंजीनियर हैं। धर्मेंद्र घर पर ही रहते हैं। पृथ्वीराज के मुताबिक दो साल पहले दोनों भाइयों ने छोटे भाई धर्मेंद्र उर्फ दरोगा को 42 लाख रुपये देकर ईंट-भट्ठा खुलवाया था। उस समय दरोगा ने कहा था कि लाभ में तीनों भाइयों का बराबर का हिस्सा होगा। आरोप है कि भट्ठा शुरू होने के बाद से दरोगा ने कभी कोई हिसाब भाइयों को नहीं दिया। इस बात को लेकर भाइयों के बीच तकरार होने लगी।
एक हफ्ते पहले पंचायत में तय हुआ कि जब तक हिसाब नहीं हो जाता ईंट की बिक्री नहीं होगी, लेकिन इसके बाद भी धर्मेंद्र ईंटों की बिक्री करता रहा। मंगलवार सुबह पृथ्वीराज अपनी सफारी से उमरी गांव स्थित भट्ठे पर पहुंच गए। उन्होंने ट्रैक्टर पर ईंट लादने का विरोध किया। तभी धर्मेंद्र अपने साथी राजेंद्र और अन्य लोगों के साथ आया और पृथ्वीराज से भिड़ गया। आरोप है कि उसने तमंचे से फायर किया। वह जान बचाकर सफारी में घुस गए। तो आरोपियों ने गाड़ी तोड़फोड़ किया और पेट्रोल डालकर आग लगा दिया। पृथ्वीराज किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकले। सूचना पर एसओ सरायइनायत अमित मिश्र मौके पर पहुंचे। पुलिस पृथ्वीराज की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं में मुकदमा लिखकर जांच कर रही है।