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शरीर पर चोट और गले के निशान ने उलझाया

Thu, 20 Apr 2017 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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पूर्व सीओ रामजी मिश्र के बेटे अमित के कत्ल की जांच कर रही पुलिस को पत्नी के बयान और क्राइम सीन ने उलझा दिया है। परिजनों ने बताया कि अमित के पीठ समेत कई जगह चोट भी थे। पत्नी रुशाली ने बयान दिया है कि अमित ने पंखे में दुपट्टा बांधकर फांसी लगाई जबकि पुलिस को उसके गले पर पतले तार या डोरी का निशान था। फील्ड यूनिट को कमरे में बेड के पास जूते का फीता और पेचकस मिला जिससे पुलिस पत्नी के बयान को संदिग्ध मान रही है।
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पुलिस ने पत्नी और परिजनों के बयान पर इस घटना को पहले फांसी लगाकर खुदकुशी ही माना था लेकिन बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जानकारी मिली कि डॉक्टर के पैनल की राय है कि अमित को गला घोंटकर मारा गया था। उसने शराब भी पी रखी थी। डॉक्टरों ने जार में विसरा भी सुरक्षित रखवा दिया। पीएम रिपोर्ट पता चलने के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की। दो ट्रेनी आईपीएस गणेश साहा और विपिन जायसवाल ने थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा के साथ कमरे का निरीक्षण किया। रो रही पत्नी रुशाली का भी फिर बयान दर्ज किया। उसका बयान था कि अमित कई बार आत्महत्या की धमकी दे चुका था। नशे में धुत होकर घर आने पर मारपीट करता और धमकी देता कि गले में चाकू  घोंप लेगा। रूशाली से  झगड़े के बाद अमित ने बेड पर कुर्सी रखकर दुपट्टे को पंखे पर बांध फांसी लगा ली। जब उसने खींचा तो फंदा खुला और वह गिर गया।

मगर उसके बयान और अमित के गले पर मिले निशान में पेंच है। दुपट्टा के फंदे से गले पर चौड़ा निशान आता लेकिन कसाव का निशान (लिगरेचर मार्क) पतला था। जैसे किसी तार या पतली रस्सी से कसा गया हो। बेड के पास जूते का फीता देख पुलिस अफसरों का माथा ठनका। सवाल उठा कि अमित का गला उसी फीते से तो नहीं दबाया गया था? अमित के पीठ पर चोट के बारे में भी रुशाली ने नहीं बताया था। बेड के पास फीते के बगल में ही बड़ा पेचकस भी मिला। थानाध्यक्ष के मुताबिक, फील्ड यूनिट से बारीक निरीक्षण कराकर फीता और पेचकस कब्जे में लिया गया है। घर में गेट पर लगे दो सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस ने पेन ड्राइवर में ली है ताकि सही जांच हो सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी पुलिस ने विशेषज्ञ से राय लेने का फैसला किया है।
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विधायक विजय मिश्र के भाई पूर्व सीओ रामजी मिश्र के परिवार में भारी कलह रही है। पति-पत्नी के बीच झगड़ा तो पिता-पुत्रों के बीच झड़प होती रही है। मुहल्ले वालों ने भी पुलिस को बताया कि बेटों और पूर्व सीओ रामजी के बीच अक्सर झगड़ा होता था। करीब सात साल पहले पिता-पुत्र के बीच गोली मारने का केस भी जार्जटाउन थाने पहुंचा था। पूर्व सीओ ने अपने एक बेटे पर गोली मारने का आरोप लगाया था। अब इस घटना से परिवार का विवाद फिर उभर आया है।

अमित मिश्रा के कत्ल की घटना में बुधवार आधी रात तक केस नहीं दर्ज किया गया। थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने बताया कि रात में करीब डेढ़ बजे अमित के भाई राहुल ने कंट्रोल रूम को सूचना दी जिसके बाद पुलिस पहुंची थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कत्ल उजागर होने के बाद किसी ने तहरीर नहीं दी है।
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