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अतीक मामा ने कहा था, गवाही मत दो

Mon, 21 Mar 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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क्राइम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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घटना के घंटे भर बाद घायल सूरजकली की बेटी सुनीता प्रीतम नगर स्थित ससुराल से रोते-कलपते एसआरएन अस्पताल पहुंची। उसने पुलिस के सामने पत्रकारों से कहा कि उसकी मां और भाई को गोली मारकर हत्या की कोशिश में प्रापर्टी डीलर कपिलदेव त्रिपाठी का हाथ है जो अतीक अहमद के लिए काम काम करते हैं। वह झलवा में उनकी दस बीघा में काफी जमीन पर कब्जा कर चुके हैं। उनकी मां ने करीब 14 साल पहले मुकदमा लिखाया था जिसमें अतीक अहमद भी बंधक बनाकर और धमकी देकर जबरन जमीन हड़पने के आरोप में नामजद हुए थे। उस मुकदमे में वर्ष 2002 में पुलिस ने अतीक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे में दो अप्रैल को जिला अदालत में उसकी मां सुरजकली की गवाही होनी है। सुनीता ने कहा कि उनका अतीक मामा से रिश्ता सुधर रहा था। वह उनकी मां को बहन कहने लगे थे। सुनीता के अनुसार,  अतीक मामा ने उनकी मां से कहा था कि गवाही नहीं दीजिए, हम फैसला कर देंगे। हम लोग तो चाह रहे हैं कि फैसला कर दिया जाए जमीन का। सुनीता के मुताबिक. कुछ दिन पहले भी मां सूरजकली उसकी ससुराल में मिलने आई तो बोली थी कि अतीक भैया ने कहा है कि गवाही नहीं देना। हम जमीन और पैसे का जल्द ही फैसला कर देंगे। सुनीता के मुताबिक, फैसला करने की बजाय कपिलदेव त्रिपाठी ने ही यह हमला कराया है।
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जानलेवा हमले में बची सूरजकली उर्फ जयश्री ने अतीक अहमद के खिलाफ बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी देते हुए जमीन लिखवाने के मुकदमे में गवाही से पहले आला अधिकारियों को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी। परिवार के लोगों ने बताया कि उन्होंने पिछले तीन माह में दो बार प्रार्थनापत्र भेजे लेकिन उन्हें पुलिस से सुरक्षा नहीं मिल सकी। उन्हें हाल ही में धमकी मिली थी इसीलिए वह सुरक्षा चाह रही थीं। सूरजकली ने अतीक के खिलाफ 14 साल पहले धूमनगंज थाने में शहर पश्चिमी के तत्कालीन विधायक अतीक के खिलाफ मुकदमा लिखाया था।
  इस घटना के बारे में पूर्व सांसद अतीक अहमद ने अमर उजाला संवाददाता से फोन बातचीत में कहा कि वह तो कई दिन से लखनऊ में हैं। उन्हें कई घंटे बाद इस घटना की जानकारी मिली कि सूरजकली को गोली मार दी गई। अतीक ने कहा कि सूरजकली तो अब उनसे नाराज नहीं थीं। कुछ साल पहले जब गिरफ्तार हुए तो वह उनसे मिलने बस्ती और मैनपुरी जेल भी आने लगीं थीं। उन्होंने सूरजकली के परिवार की मदद भी की है। सूरजकली और नरेंद्र पर फायरिंग में जुआरियों या उन बदमाशों का हाथ हो सकता है जो इंडियन ऑयल के टैंकरों से तेल चुराते हैं। धूमनगंज थाने में उनके खिलाफ मुकदमा लिखाने में विरोधी दल के नेताओं का हाथ है। एक नेता ने थाने में बैठकर केस लिखने का दबाव बनाया।
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‘सूरजकली और उनके बेटे पर हमले में मुकदमा लिखकर जांच की जा रही है। गोली मारने वाले बदमाशों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी निकाली जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।’
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0राजेश यादव, एसपी सिटी
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