शियाट्स परिसर मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद की ओर से बृहस्पतिवार को स्पेशल सीजेएम के न्यायालय में जमानत अर्जी पेश की गई। अभियोजन और पुलिस की ओर से भी आख्या तथा स्थगनआदेश की अर्जी प्रस्तुत की गई। दोनों पक्ष और समय चाहते हैं। पुलिस और अभियोजन को अतीक के आपराधिक इतिहास और मुकदमाें से संबंधित और दस्तावेज पेश करने हैं तो अतीक के वकील उन दस्तावेजों पर अपना जवाब तथा आख्या प्रस्तुत करना चाहते हैं। जमानत अर्जी पर स्पेशल सीजेएम सुशील कुमार सुनवाई कर रहे हैं। दोनों पक्षों की सहमति को देखते हुए कोर्ट ने 18 फरवरी की तिथि नियत कर दी है।
जमानत अर्जी के खिलाफ विवेचक एसपी क्राइम इरफान अंसारी की ओर से प्रस्तरवार आख्या और अतीक का आपराधिक रिकार्ड पेश किया गया। कहा गया कि इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है। विवेचक को इस मामले में और अधिक तथ्यों की जानकारी अदालत को देनी है, अतिरिक्त प्रस्तरवार आख्या भी देनी है। विवेचक ने हाईकोर्ट में शुक्रवार 17 फरवरी को होनी वाली सुनवाई और आदेश के मद्देनजर और समय देने की मांग की।
बचाव पक्ष की ओर से स्थगन अर्जी पर प्रस्तरवार आख्या देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगे जाने का विरोध किया गया। बचाव पक्ष ने दो दिन का समय देने की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की अर्जी पर सुनवाई के बाद 18 फरवरी की तिथि नियत की है। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने शियाट्स के प्राक्टर रामकिशन सिंह की याचिका पर संज्ञान लेते हुए इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है और अतीक की सभी मुकदमों में जमानत निरस्त कराने के संबंध में प्रदेश सरकार से उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। 17 फरवरी को इस मामले में हाईकोर्ट में फिर से सुनवाई होनी है।
रिमांड और जमानत पर सुनवाई के लिए अतीक अहमद की पेशी अब नैनी जेल से वीडियो कांफ्रें सिंग के जरिए होगी। जिला न्यायालय के जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़ जाने के बाद जमानत और रिमांड जैसे मामलों में अभियुक्तों की पेशी अब इसी माध्यम से हो रही है। इसी व्यवस्था के तहत अतीक को जेल से लाने के बजाए कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा।