पूर्व विधायक राजू पाल हत्या कांड में अतीक अहमद के भाई अशरफ को भगौड़ा घोषित करने की तैयारी है। एसटीएफ ने प्रदेश के सभी जिलों को तलाश के लिए अशरफ का फोटो भेज दिया है। कौशांबी, अलीगढ़, लखनऊ और रीवा (मध्यप्रदेश) में उसके रिश्तेदारों के यहां छापामारी की गई, लेकिन पता नहीं चला। पुलिस का यह अभियान 11 जुलाई को हाईकोर्ट में सुनवाई तक जारी रहेगा। जहां पर भी अशरफ के होने के जानकारी मिल रही है, वहां पर इलाहाबाद पुलिस की टीम जा रही है या फिर दूसरे जिलों की पुलिस की मदद से छापामारी करा रही है।
कौशांबी के फटवा में अशरफ की ससुराल है। पुलिस को आशंका है कि वह फटवा में छिपा हो सकता है। वहां भी इलाहाबाद की पुलिस ने छापे मारे। अलीगढ़ जिले में उसके छिपे रहने की आशंका के कारण छापामारी कराई गई। यहां के अतरौली कस्बे में अतीक और अशरफ की बहन रहती है। मध्य प्रदेश के रीवा में भी उसके ठिकाने होने की वजह से वहां की पुलिस से तलाश के लिए छापामारी कराई गई है।
धूमनगंज इलाके में पूर्व विधायक राजूपाल की हत्या के आरोप में माफिया अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ सहित दर्जन भर जेल भेजे गए थे। अतीक अहमद इस समय जेल में हैं लेकिन अशरफ जमानत पर। उनक ी ओर से गवाहों को धमकाने के आरोप लगे, कई और घटनाओं में उनका नाम आया। उसी के बाद हाईकोर्ट ने उनकी जमानत निरस्त करने को नोटिस भेजा। यह नोटिस भी अशरफ ने नहीं लिया। जिसे पुलिस ने उसके घर पर चस्पा करा दिया था। अब हाईकोर्ट ने उसे तलाशकर 11 जुलाई को पेश करने के आदेश पुलिस को दिए हैं।
कोर्ट के आदेश पर अशरफ की तलाश में एसएसपी के अलावा डीजीपी के स्तर से भी निर्देश दिए गए हैं। इसीलिए स्थानीय पुलिस के अलावा एसटीएफ भी पूरी तरह से तलाश में जुटी हुई है। परिजनों के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगा रखा है, जिससे कि अशरफ की लोकेशन का पता चल सके। उनके सात पुराने नंबर स्विच आफ हैं। 11 जुलाई के बाद अशरफ को भगौड़ा घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।
‘हाईकोर्ट ने अशरफ को 11 जुलाई में पेशी के आदेश किए हैं। उसके न मिलने पर यह आदेश उसके घर पर चस्पा करा दिया गया है। 11 तो वह अदालत में पेश नहीं हुआ तो उस पर ईनाम के साथ-साथ भगौड़ा घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी ।’ आनंद कुलकर्णी, एसएसपी