तेलियरगंज में रात करीब साढे़ नौ बजे जब पुलिस ने स्थिति काबू करने का दावा किया तभी बैंक ऑफ बड़ौदा के पीछे गली में घुसे उपद्रवियों ने कई दुकानों में तोड़फोड़ कर डाली। एक दुकान में आग लगा दी और बमबाजी भी की। सड़क पर मौजूद पुलिस अफसरों को पता चला तो वे पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स के साथ गली में घुसे। भीड़ ने पुलिस पर भी बम फेंके और पथराव किया। भारी पुलिस बल और आरएएफ ने बवाल काट रहे लोगों को खदेड़ने के बाद दमकल बुलाकर आग पर काबू पाया। देर रात तक गलियों में पथराव की खबर फैलती रही।
छात्रा की मौत के बाद बवाल काट रहे लोगों ने छह बसों, चार बाइक, गुमटियों के साथ ही एक डीजल टैंकर में भी आग लगा दी थी। गनीमत रही कि टैंकर का अगला हिस्सा ही आग की चपेट में आया। आग पीछे डीजल टैंक तक पहुंचती तो वह विस्फोट से फटता और इलाके में जान-माल की भारी तबाही हो सकती थी। इस बारे में सोचकर ही स्थानीय लोग और पुलिस अधिकारी सकते में थे।
तेलियरगंज में हुए उपद्रव से पुलिस अधिकारी बेहद नाराज हैं। डीआईजी और एसएसपी ने कहा है कि छात्रा की मौत दुखद है लेकिन उसके बाद सरकारी बसों, गाड़ियों, टैंकर, दुकानों को जलाना और तोड़ना बेहद गंभीर अपराध है। अराजकता फैला दी गई। इस घटना पर शिवकुटी थाने में बलवा, आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस पर जानलेवा हमले के पांच मुकदमे लिखे जा रहे हैं।
इलाके में पुलिस के सीसीटीवी कैमरों के अलावा कुछ निजी कैमरे भी लगे हैं। पुलिस ने मोबाइल और वीडियो कैमरे से भी रिकार्डिंग की है। सभी फुटेज से उपद्रवियों की पहचानकर गिरफ्तारी की जाएगी। उपद्रव में तमाम छात्र शामिल थे। उन्हे बार-बार चेताया गया कि वे अपने कमरों में लौट जाएं मगर वे पथराव और आगजनी करते रहे। ऐसे में उन्हें भी कानूनी कार्रवाई झेलनी होगी। देर रात पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया।