फेसबुक पर महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी और उनके पति पूर्व कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता को जान से मारने की धमकी देने के आरोपी धनंजय शुक्ला को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गाजियाबाद से पकड़ा है। पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसकी फेसबुक आईडी हैक हो गई थी। इसकी शिकायत उसने ईमेल से की थी। कोतवाली पुलिस इसकी जांच कर रही है कि वास्तव उसकी आईडी हैक हुई थी या वह पुलिस को गुमराह कर रहा है।
फेसबुक पर मिली धमकी से परेशान महापौर ने मामले की शिकायत बृहस्पतिवार को पुलिस अफसरों से करने के बाद कोतवाली थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया। जिस फेसबुक आईडी से धमकी मिली थी वह धनंजय शुक्ला के नाम से थी। मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते सीओ कोतवाली के नेतृत्व में इंस्पेक्टर कोतवाली को मामले की जांच में लगाया गया। साइबर क्राइम सेल को भी इंस्पेक्टर के सहयोग में लगाया गया।
सर्विलांस से जांच के बाद पुलिस को पता चला कि गाजियाबाद से धमकी भरा पोस्ट किया गया है। पुलिस धनंजय शुक्ला की तलाश में लग गई थी। इंस्पेक्टर कोतवाली एमएम अंसारी ने बताया कि आरोपी बता रहा है कि उसका फेसबुक अकाउंट हैक कर लिया गया था। उसे महापौर और पूर्वमंत्री को धमकी के बारे कुछ नहीं मालूम। इसकी जांच की जा रही है कि वास्तव उसका अकाउंट हैक हुआ था या पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा बयान दे रहा है।
कोतवाली के एसआई सर्वेश सिंह के नेतृत्व एक टीम गाजियाबाद गई। पुलिस ने आरोपी धनंजय शुक्ला को गाजियाबाद में पंचशील प्राइम गोविंदपुरम कविनगर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया है। वह मूलरूप से सरायममरेज के खरगापुर का रहने वाला है। उसके पिता अरुण कुमार शुक्ला एक दवा कंपनी में रीजनल मैनेजर हैं।
धनंजय शुक्ला बीएफए का छात्र है। वह गाजियाबाद के एक कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है। पुलिस धनंजय को गिरफ्तार करने घर पहुंची तो परिजन हैरान हो गए। वे किसी जानकारी से इंकार करते रहे। आखिरकार पुलिस उसे पकड़ लाई। हालांकि वह पुलिस को पूछताछ में बता रहा है कि उसकी फेसबुक आईडी हैक कर ली गई थी। उसे यह जानकारी नहीं है कि उसकी आईडी से महापौर को धमकी दी गई है।
मामले की जांच में लगी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने धनंजय शुक्ला के फेसबुक अकाउंट को खंगाला। पुलिस को शक था कि अकाउंट फेक आईडी पर बना होगा लेकिन फेसबुक अकाउंट फर्जी आईडी पर नहीं निकला तो पुलिस को कुछ उम्मीद जगी। जिस कंप्यूटर से फेसबुक पर धमकी भरा पोस्ट किया गया था, उसके आईपी एड्रेस और सर्विलांस की मदद से आरोपी तक पहुंच गई।