फिल्म निर्माण और इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में छोटे निवेशकों से दो सौ करोड़ रुपये की ठगी करने वाली कंपनी के एक और निदेशक शत्रुघ्न सिंह को एसटीएफ ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। फ्रॉड कंपनी की नीव शत्रुघ्न ने ही डाली थी। बाद में इससे मिस जम्मू रहीं अनारा गुप्ता समेत तमाम लोग जुड़ते गए और फ्रॉड का दायरा करोड़ों में फैलता गया। कंपनी के बाकी वर्तमान और पूर्व निदेशकों की तलाश में यूपी, महाराष्ट्र और हरियाणा पुलिस को एलर्ट किया गया है।
करोड़ों की ठगी के मामले में एसटीएफ ने गुरुवार को कंपनी के स्थानीय निदेशक ओमप्रकाश यादव को सिविल लाइंस के ताशकंद मार्ग स्थित उसके कार्यालय से गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया था। एसटीएफ इंस्पेक्टर अजय सिंह और अतुल सिंह ने अपनी टीम के साथ शनिवार को सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर के पास से कंपनी के फाउंडर डायरेक्टर शत्रुघ्न सिंह निवासी चौबेपुर वाराणसी को गिरफ्तार कर लिया। शत्रुघ्न इन दिनों मुंबई के कांदीवली वेस्ट में रह रहा था। उससे पूछताछ में पूरी जालसाजी का पर्दाफाश हो गया।
शत्रुघ्न के पिता तहसीलदार सिंह मुंबई में टैक्सी चलाते थे। वहीं से बीकॉम करने के बाद क्रेडिट कार्ड बेचने से लेकर लोनिंग का काम किया। बाद में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा और बड़ों से दोस्ती हो गई। भोजपुरी कलाकार अम्बरीश सिंह के जरिए ब्लू फाक्स कंपनी के डायरेक्टर अरुण गौतम से जुड़ा । वहीं उसकी मुलाकात छोटे प्रोडक्शन कंपनी की सारिका सुमन उर्फ अर्पिता माली और प्रदीप शर्मा से हुई। इन्हीं लोगों के साथ फिल्म कंपनी बनाकर लखनऊ के साइबर हाइट्स बिल्डिंग विभूतिखंड में दफ्तर खोल दिया। अर्पिता और शत्रुघ्न सिंह कंपनी के डायरेक्टर बने और लोगों से पैसा वसूलना शुरू किया गया। शत्रुघ्न ने बताया कि उनकी मूवी से जो लाभ होगा, उसे हफ्ते के हिसाब से पेमेंट किया जाएगा। जिसके लिए खाते अलग-अलग बैंकों में खोले गए। अरुण गौतम और प्रदीप शर्मा मार्केटिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मार्च 2017 में ‘मिस्टर एंड मिसेज अवध’ के नाम से एक बड़ा इवेंट शो भी कंपनी ने किए। इसी के बाद पूर्व मिस जम्मू अनारा गुप्ता जो लगभग बेरोजगारी की हालत में मुंबई में रह रही थी, वह भी कंपनी से जुड़ गई। प्रदीप के दोस्त नरेश शर्मा, मो. अशीर, इलाहाबाद से ओमप्रकाश यादव, कानपुर से धर्मेंद्र कुमार और लखनऊ से रंजीत भी जुड़े। इवेंट मैनेजमेंट का पूरा काम अनारा गुप्ता का था। उसी के बाद ‘मिस्टर एंड मिसेज लखनऊ, मिस अवध, रफ्तार शो, महिला वालीबाल और इंपरर रासलीला’ आदि कार्यक्रम हुए। कंपनी का विस्तार हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में फैल गया। देशभर के 45 हजार लोगों से करीब दो सौ करोड़ रुपये वसूले गए।
मिस जम्मू रह चुकी अनारा गुप्ता के आने के बाद कंपनी का कायाकल्प हो गया था। अनारा की फेस वैल्यू सबसे ज्यादा थी। अनारा ने एक के बाद एक सफल इवेंट का आयोजन किया, जिससे कंपनी में पैसे लगाने वालों की संख्या हजारों में पहुंच गई। कंपनी में डायरेक्टर की हैसियत से अनारा की बढ़ती पहुंच से फाउंडर डायेक्टर रही सारिका सुमन उर्फ अर्पिता माली उससे चिढ़ने लगी। दोनों का शीतयुद्ध कंपनी में चरम पर पहुंचा । यह जानकारी निदेशकों को हुई तो बवाल और बढ़ गया। अर्पिता ने कोर्ट के माध्यम से नोटिस भेजे कि फिल्म निर्माण की आड़ में वे लोग चिटफंड कंपनी चला रहे हैं। हालांकि, उसकी अपील खारिज हो गई। अन्य डायरेक्टरों ने दूसरे बैंक में खाता खुलवाकर वहां पैसे ट्रांसफर कर दिए। यहीं से विवाद सड़क पर आ गया और दुर्दिन शुरू हो गए।
अर्पिता की बढ़ती दुश्मनी के बीच कंपनी ने अपना विस्तार जारी रखा। वाराणसी में फैशन शो और स्टेज कार्यक्रम कराया गया। इसमें मशहूर बालीवुड एक्टर राजपाल यादव और भोजपुरी एक्टर खेसारी लाल यादव चीफ गेस्ट थे। इलाहाबाद और गोरखपुर में स्टेज शो कराया गया जिसमें भोजपुरी कलाकार अरविंद अकेला, सीमा सिंह और एक्ट्रेस प्रियंका पंडित मौजूद रहीं।
अर्पिता लगातार कानूनी नोटिस भिजवा रही थी। अनारा काफी डर गई थी। उसने कुछ महीने पहले लिखा पढ़ी में कंपनी के डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि वह कंपनी से लगातार जुड़ी रही। एसटीएफ ने अनारा और कंपनी के डायरेक्टरों के 28 नवंबर तक के चैट रिकार्ड्स इकट्ठा किए हैं, जिससे साफ है कि वह कंपनी के लिए लगातार काम कर रही थी। अनारा के मुंबई स्थित आवास पर पुलिस भेजी गई लेकिन वहां ताला लगा है। फरार निदेशकों की तलाश में महाराष्ट्र, हरियाणा और यूपी पुलिस को एलर्ट भेजा गया है।
कंपनी का सारा काम आनलाइन था। किसी ग्राहक को कोई लिखित दस्तावेज नहीं दिया जाता था। जनपदों में सेमीनार कर कंपनी का प्रचार किया जाता था। अनारा गुप्ता को सेलेब्रेटी की तरह प्रोजेक्ट किया जाता था। इलाहाबाद में सिविल स्थित एक बड़े होटल में तीन बार कंपनी सेमीनार का आयोजन किया था। जिसे ओमप्रकाश यादव ने संभाला था। अर्पिता और अनारा के हटने के बाद कंपनी में 95 फीसदी हिस्सेदारी नरेश शर्मा और पांच फीसदी हिस्सेदारी शत्रुघ्न के पास है। नरेश शर्मा के पकड़े जाने के बाद पता चलेगा कि आखिर पब्लिक से कितने रुपये वसूले गए।
ठग कंपनी ने लोगों को सिने स्टार अजय देवगन के नाम पर भी लोगों को झांसा दिया। दरअसल, अक्तूबर में कंपनी ने खाता संख्या बदल दिए जिसके बाद निवेश करने वाले लोगों के खातों में लाभ के पैसे आने बंद हो गए। ओमप्रकाश के मुताबिक, शिकायत बढ़ने पर निवेश करने वालों से कहा कि कंपनी अजय देवगन को लेकर फिल्म दिलवाले पार्ट-टू बना रही है। इसमें लगभग 35 लाख रुपये लग चुके हैं। फिल्म रिलीज होने पर लोगों को और भी ज्यादा फायदा दिया जाएगा।