विक्रमशिला एक्सप्रेस में सोमवार रात फतेहपुर के पास एस्कार्ट में सिपाही जीआरपी के सिपाही की इनसास राइफल नहीं लूटी गई थी बल्कि पैसे और मोबाइल छीने जाने से नाराज युवक ने सिपाही के सोने पर राइफल चुराकर रेल पटरी के पास झाड़ी में छिपा दी थी। जीआरपी ने उसे गिरफ्तार कर राइफल बरामद कर ली। युवक ने अधिकारियों को बताया कि उसका राइफल लूट का इरादा नहीं था। उसने गुस्से में ऐसा किया था।
बारह अप्रैल की रात दिल्ली जा रही विक्रमशिला एक्सप्रेस में मुगलसराय से चढ़े एस्कार्ट दस्ते के तीन सिपाहियों में एक प्रमोद कुमार चौबे ने हल्ला किया कि एस-11 बोगी से गुजरते समय एक युवक उसकी राइफल लूटकर फतेहपुर स्टेशन के पास धीमी रफ्तार में चल रही ट्रेन से कूद गया है। खबर पाकर एसपी जीआरपी केपी सिंह भी फतेहपुर पहुंच और सिपाही से बात की। घटना में शक होने पर उसे निलंबित कर दिया गया। डीआईजी रेलवे रामपाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को जीआरपी कानपुर ने राइफल लूट के मामले में संदिग्ध युवक को उस वक्त हिरासत में ले लिया, जब वह थाने में अज्ञात सिपाही के खिलाफ पांच हजार रुपये और मोबाइल छिनैती का केस दर्ज कराने आया था।
पूछताछ में उसने कुबूला कि राइफल उसने ही गायब की है। उसने पुलिस टीम को फतेहपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन के पास झाड़ी में गमछे में लपेटकर छिपाई राइफल बरामद करा दी। युवक ने अपना नाम संतोष कुमार सिंह और पता भोजपुर बिहार बताया। उसने बताया कि 12 अप्रैल को वह विक्रमशिला एक्सप्रेस की एसी बोगी में बैठा था। उसके पास टिकट नहीं था। सिपाही प्रमोद ने चेकिंग के नाम पर उससे मोबाइल और पांच हजार रुपये छीन लिए थे। इससे वह गुस्से में था। रात में सिपाही प्रमोद एस-11 बोगी में जाकर सो गया तो उसने सिपाही के बगल में रखी राइफल उठा ली और फतेहपुर स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर उसे झाड़ी में छिपाकर चला गया। डीआईजी ने कहा कि इस घटना में सरासर लापरवाही सिपाही प्रमोद की थी इसीलिए उसे निलंबित किया गया है।