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संग्रहालय गेट पर अपर महाधिवक्ता से झड़प

Wed, 06 Apr 2016 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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एडीए अ‌भ‌ियान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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कंपनी बाग सुंदरीकरण योजना के तहत इलाहाबाद संग्रहालय का बाहरी गेट तोड़ने का विरोध कर रहे कर्मचारियों ने मंगलवार शाम अपर महाधिवक्ता सीबी यादव से भी तीखी झड़प कर ली। कर्मचारियों ने गेट उखाड़कर वहां जालीदार दीवार बना रहे एडीए के दस्ते को रोका तब खबर पाकर अपर महाधिवक्ता वहां पहुंचे थे। उन्होंने कर्मचारियों के उग्र तेवर देख पुलिस अफसरों को फोन से सूचना दी तो कई थानों की पुलिस फोर्स वहां पहुंच गई। पुलिस और एडीए के अफसरों ने संग्रहालय में अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें तय किया गया कि अब कर्मचारी गेट तोड़ने का विरोध नहीं करेंगे वरना कार्रवाई होगी। संग्रहालय के निदेशक ने कहा कि इस बारे में अदालत से आदेश जारी होता है तो वह उस पर सहमत हैं। 
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कंपनी बाग और इससे जुड़े चंद्रशेखर आजाद पार्क के सुंदरीकरण के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर एक समिति गठित है जिसमें अपर महाधिवक्ता अध्यक्ष और डीएम, एडीए उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त और उद्यान निरीक्षक सदस्य हैं। कंपनी बाग की सुंदरीकरण योजना के तहत वहां छह नए गेट बनाए जा रहे हैँ। साथ ही इलाहाबाद संग्रहालय के सामने वाला गेट बंदकर जालीदार चहारदीवारी तैयार की जानी है। पिछले महीने भी एडीए ने गेट तोड़ने की कोशिश की तो संग्रहालय के कर्मचारियों ने विरोध किया था। तब संग्रहालय के निदेशक ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और संस्कृति मंत्रालय समेत डीएम को इस बारे में पत्र लिखा तो एडीए से आख्या मांगी गई थी।

दो अप्रैल को कंपनी बाग सुंदरीकरण को गठित समिति की बैठक में फिर गेट तोड़ने का फैसला हुआ। मंगलवार दोपहर एडीए का दस्ता जेसीबी लेकर गेट पर पहुंचा तो संग्रहालय के निदेशक समेत कर्मचारियों ने विरोध कर दिया। एडीए से जानकारी पाकर समिति अध्यक्ष अपर महाधिवक्ता सीबी यादव वहां पहुंच गए। कर्मचारियों ने उनका भी विरोध किया तो झड़प होने लगी। स्थिति गंभीर देख अपर महाधिवक्ता ने सूचना दी तो सीओ कर्नलगंज डीपी तिवारी और सीओ सिविल लाइंस आलोक मिश्र पुलिस फोर्स के साथ आ गए। अपर महाधिवक्ता ने कर्मचारियों के बर्ताव पर नाराजगी जताते हुए एफआईआर लिखाने के लिए कहा।
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उनके जाने के बाद संग्रहालय के निदेशक राजेश पुरोहित के साथ पुलिस और एडीए अफसरों की बैठक में फिर कहा गया कि गेट तोड़ना ही पड़ेगा क्योंकि इस गेट से कुछ ही दूरी पर भव्य गेट लगभग तैयार हो चुका है। इस गेट की जरूरत नहीं है। संग्रहालय निदेशक ने कहा कि इस बारे में अदालत से आदेश मिलता है तो वह राजी हैं। इस घटना पर सीओ कर्नलगंज डीपी तिवारी ने बताया कि अपर महाधिवक्ता से गेट पर झड़प की गई थी। मीटिंग में कहा गया कि अब विरोध हुआ तो कार्रवाई होगी।
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