नवागत पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा का आदेश शायद रानीगंज पुलिस के लिए कोई मायने नहीं रखता। तभी तो रानीगंज पुलिस हमलावर आरोपी को क्लीन चिट देते हुए पीड़ित को ही मुजरिम ठहराने पर उतर आई। पुलिस की करतूत से बाजार के लोग दंग हैं। जबकि घटना सरे बाजार हुई थी। मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद भी थे।
रानीगंज थाना क्षेत्र के जयरामपुर निवासी अफसर अली शुक्रवार की सुबह दुर्गागंज बाजार में चाय पी रहा था। तभी कुछ लोग पहुंचे और उस पर हमलावर हो गए। वह जान बचाकर भागा। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो हमलावर असलहा लहराते हुए अफसर अली का पीछा कर रहे थे। तभी बाजार के लोग उसे बचाने के लिए आगे आए। लोगों के दौड़ने पर हमलावर भागने लगे। लोगों ने एक आरोपी अनवारुल को दबोच लिया। उसकी पिटाई करने के साथ ही घटना की सूचना पुलिस को दी। लोगों ने अनवारुल के पास से तमंचा भी बरामद किया। जिसे बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों को पुलिस थाने ले गई। जहां दोनों से पूछताछ के बाद रानीगंज पुलिस ने खेल कर दिया। आरोपी अनवारुल के पास से मिले असलहे को पीड़ित अफसर का बताने लगी। आरोप है कि पुलिस थाने में लाने के बाद अफसर की पिटाई की। परिवार के लोग थाने पहुंचे तो पुलिसकर्मी उन्हें भी धमकाने लगे। इस बाबत सीओ रानीगंज रमेशचंद्र ने बताया कि कुछ लोगों ने उनसे भी शिकायत की है। वह स्वयं मामले को देखने के बाद ही आगे कुछ बता पाएंगे।