जगतपुर (इलाहाबाद)। उतरांव इलाके के जलालपुर में तीन साल के मासूम की हत्या की आरोपी रिश्ते की चाची कंचन को उसके माता-पिता और ममेरे भाई समेत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। महिला ने कत्ल किया जबकि उसके मायके वाले अपराध की साजिश में शामिल रहे। पुलिस ने कत्ल में इस्तेमाल बेडशीट और साड़ी बरामद की है। जांच में पता चला कि महिला अपने बेटे की मौत के बाद पति को इस मासूम से दुलार करते देख चिढ़ती रहती थी इसलिए उसे मार डाला। अपने बेटे की मौत से दुखी महिला के सिर पर इस कदर खून सवार हो गया था कि वह बच्चे को बेड पर फेंक उसके सिर पर बैठ गई, जिससे उसकी जान निकल गई।
जलालपुर में रहने वाले सतीश माली का तीन वर्षीय बेटा शाश्वत बृहस्पतिवार दिन में करीब 11.30 बजे घर के बाहर खेलते वक्त लापता हो गया था। खबर पाकर पहुंची उतरांव पुलिस ने शक के आधार पर बगल के मकान में रहने वाले सतीश के चचेरे भाई सत्यप्रकाश उर्फ बबलू माली के घर में छानबीन की तो बच्चे का शव बेड में गद्दे के नीचे मिला। कुछ ही देर पहले बबलू के ससुराल वाले भी प्रतापगढ़ के सांगीपुर से आ गए थे। पुलिस ने बच्चे की हत्या के मामले में बबलू की पत्नी कंचन को पकड़ लिया। कंचन को उसके पिता कल्पनाथ माली, मां कमलेश, ममेरे भाई मनोज समेत उतरांव थाने ले जाया गया जहां एसएसपी आनंद कुलकर्णी और एसपी गंगापार सुनील सिंह ने उनसे देर रात तक पूछताछ की। जांच और अलग-अलग पूछताछ में साफ हो गया कि कंचन ने ही मासूम शाश्वत की जान ली।
पति करता बच्चे को दुलार तो चिढ़ती थी
-करीब 30 वर्षीय कंचन के दो बच्चे थे। 10 साल का पुत्र सत्यम और सात वर्ष की बेटी साक्षी। बेटे की दो महीने पहले गिल्ली डंडा खेलते वक्त सिर पर चोट लगी और सही इलाज नहीं कराने से तीसरे रोज उसकी मौत हो गई थी। बेटे की मौत से कंचन को गहरा सदमा पहुंचा था। वह अपने पति बबलू को बगल में रहने वाले चचेरे भाई सतीश के बेटे शाश्वत को गोद में खिलाते और घुमाते देखते तो उसे और जलन होती। पति बबलू और सतीश की पत्नी सुमन के बीच देवर-भाभी वाली हंसी-ठिठोली भी उसे नहीं सुहाती थी। बबलू के कहने पर सुमन अक्सर उसके घर में आकर खाना भी बनाती थी। इससे सुमन के मन में गुस्सा बढ़ता ही गया।
लुकाछिपी के दौरान दबोचा मासूम को
-बृहस्पतिवार दोपहर कंचन ने बच्चे को घर के बाहर खेलते देखा तो बेटी साक्षी से उसे बुला लाने को कहा। घर में शाश्वत को लाने के बाद साक्षी उसके साथ लुकाछिपी खेलने लगी। उसी दौरान मौका पाकर कंचन ने बच्चे को बेडशीट में लपेटकर उठा लिया। वह चीख नहीं सके इसलिए उसके मुंह में बेडशीट का कोना ठूंस दिया। उसे उठाकर वह ऊपर कमरे में ले गई और बेड पर लेटाकर उसके सिर पर बैठ गई। सिर पर कंचन के भार से मासूम की जान चली गई। पहले माना गया था कि बच्चे की मौत गला घोंटने से हुई थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी साफ हो गया कि कंचन उसके सिर पर बैठ गई थी। हेड इंजरी की वजह से बच्चा चल बसा।
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बेटी ने ही पुलिस को बताई करतूत
-कंचन की बेटी साक्षी ने ही उसकी करतूत पुलिस के सामने उजागर कर दी। बच्चे का शव बेड पर मिलने के बाद पुलिस ने कंचन से पूछताछ शुरू की तो वह गोलमोल जवाब देती रही।
घटना के वक्त उसका पति बबलू अपने मोबाइल शॉप में था। घर में प्रतापगढ़ से आए कंचन के माता-पिता और ममेरा भाई मनोज मौजूद थे। पुलिस ने साक्षी से बात की तो उसने बता दिया कि मां ने उससे शाश्वत को बुला लाने को कहा था। वे दोनों खेलने लगे फिर शाश्वत गायब हो गया। पूछने पर मां ने कहा कि वह चला गया है। उसने देखा कि मां के हाथ में बेडशीट थी जिसे लेकर वह ऊपर कमरे में चली गई थी। साक्षी के बयान से साफ हो गया कि कंचन ने ही बच्चे को बुलवाया फिर मौका पाकर उसे बेरहमी से मार डाला। आखिर में कंचन ने भी कुबूला कि उसने बच्चे की हत्या की और अपने मायके वालों को बुलाया। थानाध्यक्ष गजानंद चौबे ने बताया कि कंचन को हत्या तथा उसके पिता कल्पनाथ, मां कमलेश और ममेरे भाई मनोज को आपराधिक साजिश में जेल भेजा गया।
दुलारा बेटा खोकर सदमे में है सुमन
-शाश्वत अपने घर का चिराग और माता-पिता की आंखों का तारा था। मां सुमन इकलौते बेटे को बहुत दुलार करती थी। उसे ज्यादा देर तक अपनी नजरों से दूर नहीं जाने देती थी। यही वजह है कि बृहस्पतिवार को वह घर के बाहर खेलते वक्त देर तक नहीं दिखा तो सुमन बेचैन हो गई। वह पति सतीश के साथ बेटे की तलाश में इधर-उधर भटकती रही। दोपहर बाद पड़ोस में कंचन के घर में बच्चे का शव मिलने के बाद से सुमन भारी सदमे में है। वह रात भर और शुक्रवार को भी दिन भर रोती-कलपती रही। उसके विलाप ने महिलाओं को दहला दिया। वह बार-बार बेटे के गम में सीना पीटने लगती और बेहोश हो जाती। उसने कुछ खाया-पिया भी नहीं।