कातिल शूटरों की फुटेज 50 जिलों में भेजी गई
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चेहरे और हुलिए के आधार पर कई जिलों में दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव हत्याकांड में पुलिस ने कातिलों की को पकड़ने के लिए प्रदेश के 50 जिलों में उनकी फुटेज भेजी है। हत्या के कई फुटेज पुलिस को मिले हैं। सभी फुटेज को संबंधित जिलों की क्राइम ब्रांच टीम को भेजा गया है। पुलिस ने शुक्रवार को इलाहाबाद समेत आस पास के कई जिलों में दबिश देकर कई संदिग्धों को उठाया है। हालांकि अभी तक पुलिस को कत्ल करने वाले शार्प शूटर नहीं मिले हैं।
वकील राजेश की हत्या मनमोहन पार्क चौराहे के पास हुई थी। वहां कई कई दुकानों और मकानों में सीसीटीवी फुटेज लगे हैं। घटनास्थल के आस पास के सीसीटीवी फुटेज से हत्या की पूरी रिकार्डिंग मिल गई है। चलती हुई गाड़ी से सटाकर गोली मारने के बाद हत्यारे भाग निकले। पुलिस ने काफी प्रयास किया लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी तो कातिलों की फुटेज 50 जिलों की क्राइम ब्रांच को भेजी गई है। पुलिस ने गुरुवार को कातिलों के हुलिये वाले दो लड़कों को बाइक के साथ पकड़ा था। दोनों से लंबी पूछताछ हुई, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। एसपी सिटी सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया कि अभी तक की जांच में यही संभावना है कि शूटर बाहर के हैं। इसीलिए तमाम जिलों की क्राइम ब्रांच को फुटेज भेज इस तरह के हुलिए और चेहरे वाले नई उम्र के अपराधियों के बारे में पता लगाया जा रहा है। आज क्राइम ब्रांच की अलग अलग टीमों ने प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशांबी और भदोही में छापेमारी की। कम उम्र के अपराधियों के बारे में पता लगाया जा रहा है। उनकी घटना वाले दिन की लोकेशन ली जा रही है।
बाइक नंबर से मिलेगा कातिल का पता
पुलिस को जितनी भी सीसीटीवी फुटेज मिली है, किसी में भी बाइक का नंबर स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि अलग फुटेज से नंबरों को स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है। काली पल्सर के बारे में आरटीओ आफिस से पता लगाया जा रहा है। नंबर में जितना समझ में आ रहा है, उसके आधार पर जानकारी ली जा रही है। एसपी सिटी सिद्धार्थ मीणा ने बताया कि मनमोहन पार्क से लेकर लक्ष्मी टाकीज तक की सभी सीसीटीवी फुटेज चेक किया गया है, किसी में भी नंबर स्पष्ट नहीं है। फुटेज को साफ कराया जा रहा है। नंबर मिल गया तो शूटरों का पता लगने में देर नहीं लगेगी।