परिजनों के उत्पीड़न पर घर से भागी दो छात्राएं
0 कोलकाता से दिल्ली जा रही छात्राएं मिली जंक्शन पर
0 बालिका गृह में रखकर कोलकाता से बुलाया परिजनों को
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। परिवार के लोगों के उत्पीड़न तथा जिस्मफरोशी के धंधे में डालने की कोशिश से परेशान होकर हाईस्कूल की दो छात्राएं कोलकाता में अपने घर से भाग निकलीं। दिल्ली जा रही ये दो छात्राएं शनिवार को जंक्शन पर जीआरपी को मिलीं तो उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष ले जाया गया। उन दोनों की व्यथा सुनकर समिति ने कोलकाता पुलिस और परिजनों से संपर्क किया। परिजनों के कोलकाता से आने तक दोनों छात्राओं को बालिका गृह में रखा गया है।
रेलवे पुलिस को दोपहर में जंक्शन के प्लेटफार्म पर 15-16 साल की दो लड़कियां भटकते दिखीं तो उनसे बात की गई। उनकी बातों से सशंकित होकर रेलवे पुलिस ने महिला सिपाहियों को बुलाकर पूछताछ कराई। तब पता चला कि वे दोनों कोलकाता में अपने घर से भागी हैं। रेहाना और सायरा (नाम काल्पनिक) ने बताया कि वे दोनों एक ही स्कूल में हाईस्कूल की छात्रा हैं। एक ही मुहल्ले में रहती हैं। उन दोनों के परिवार के लोग उन्हें बेहद तंग करते हैं। उनसे देह व्यापार कराने की कोशिश की जा रही है। इसी वजह से त्रस्त होकर वे घर से भागी हैं। वे दिल्ली में अपनी एक दोस्त के पास जा रही थीं। इलाहाबाद जंक्शन पर उन्हें दूसरी ट्रेन में बैठना था तभी रेलवे पुलिस की उन पर नजर पड़ गई। उन दोनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया है। समिति के अध्यक्ष और न्यायिक मजिस्ट्रेट कमलेश सिंह ने दोनों छात्राओं का बयान लेने के बाद उन्हें खुल्दाबाद थाने के सामने बालिका गृह में आवासित करने का आदेश दिया। फिर उन्होंने कोलकाता पुलिस से बात की। पुलिस के जरिए दोनों छात्राओं के परिजनों को इलाहाबाद बुलाया गया है। परिजनों को चेतावनी दी जाएगी साथ ही कोलकाता पुलिस को भी कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
00000000
बाल कल्याण अधिकारी बरत रहे हैं लापरवाही
-बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कमलेश सिंह ने शहर और देहात इलाके में नाबालिगों से छेड़खानी, रेप जैसी अन्य घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए सभी थानों में तैैनात बाल कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखा है। उनसे कहा गया है कि वे किशोर न्याय अधिनियम के तहत ऐसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करें।