एक दशक में चार बार तोड़ी गई प्रतिमा
0 झूंसी के पार्क में लगी अंबेडकर की मूर्ति को 2008, 2011 तथा 2015 में पहुंचा गया नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
झूंसी।
झूंसी में त्रिवेणीपुरम कालोनी के गंगा सेक्टर में तकरीबन 12 वर्ष पहले डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाई गई थी। तब से लेकर अब तक अराजकतत्व चार बार इसको नुकसान पहुंचा चुके हैं। प्रतिमा तोड़ने का पहला वाकया तकरीबन दस साल पहले 2008 में हुआ था। हालांकि पुलिस ने अब तक केवल दो मामले में ही अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्रतिमा लगने के दो साल बाद 2008 में अराजकतत्वों ने रात के अंधेरे में पूरी प्रतिमा को गिरा दिया था। अगले दिन सुबह लोगों ने जब प्रतिमा चबूतरे के नीचे गिरी देखी तो आक्रोशित हो उठे। दूसरी प्रतिमा मंगाकर लगाई गई तब गुस्सा शांत हुआ। इसमें किसी के खिलाफ केस नहीं दर्ज किया गया था। 2011 में फिर प्रतिमा को क्षति पहुुंचाई गई। लोगों के हंगामे के बाद फिर दूसरी प्रतिमा लगाई गई। बाद में अज्ञात अराजकतत्वों के खिलाफ भी दर्ज किया गया। तब जाकर लोग शांत हुए। हालांकि प्रतिमा को तोड़ने वाले पकड़े नहीं जा सके। 2015 में फिर बाबा साहेब की प्रतिमा के एक हाथ की उंगली तोड़ दी गई। बवाल बढ़ने पर आननफानन में अफसर मौके पर पहुंचे तथा प्रतिमा को ठीक कराया गया। अब शुक्रवार रात में उनकी प्रतिमा को फिर क्षति पहुंचाई गई।
अज्ञात के खिलाफ केस
झूंसी। डॉ.अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। डॉ. अंबेडकर चेतना मंच त्रिवेणीपुरम झूंसी के अध्यक्ष रामेंद्रनाथ की तहरीर पर रिपोर्ट लिखी गई। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।
पार्क के बगल के मकान में लगवाया जाएगा सीसी टीवी कैमरा
झूंसी। डॉ.अंबेडकर की प्रतिमा की सुरक्षा के लिए पार्क में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा। इसके लिए पार्क के नजदीक एक मकान को चुना गया है। हालांकि, पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की तलाश में है। इंसपेक्टर झूंसी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आगे ऐसी घटना न हो इसके लिए सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरा जल्द ही किसी न किसी मकान में लगवाया जाएगा।
डॉ.अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने पर रोष
झूंसी में डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने से लोगों में जबरदस्त रोष है। अलग-अलग संगठन के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। भारतीय मार्क्सवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल झूंसी में हुए धरना में शामिल हुआ। इसमें शामिल रवि मिश्रा, जिला सचिव अखिल विकल्प, भूपेंद्र, अविनाश, आशुतोष आदि का कहना था कि यह जनवाद, समता और संवैधानिक मूल्यों पर हमला है। भाजपा सरकार पूंजीपतियों तथा सामंतों को बढ़ावा देकर संविधान को पलटना चाहती है। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस की ओर से मूर्ति तोड़ने वालों की 24 घंटे में गिरफ्तारी की मांग की गई। उन्होंने कलेकट्रेट में ज्ञापन भी सौंपा। गिरफ्तारी न होने पर सरकारी गैर सरकारी क्षेत्रों में हड़ताल की चेतावनी दी। ज्ञापन सौंपने वालों में रामसागर, अनुसिंह, कड़ेदीन यादव, फहीम अहमद आदि शामिल रहे। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के कार्यकर्ता भी झूंसी में धरना में शामिल हुए। धरना देने वालों में कुरेश अहमद जाफरी, इमरान अहमद सिद्दीकी, शादाब अली, जीशान अहमद, सरफराज अहमद आदि शामिल रहे।