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रेलवे के दोनों अफसरों को गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई सीबीआई
0 भोर तक हुई पूछताछ, डीआरएम ऑफिस के अफसरों ने साधी चुप्पी
0 रेलवे बोर्ड और एनसीआर मुख्यालय से डीआरएम भेज रहे विभागीय रिपोर्ट
0 डीआरएम ने कहा, सीबीआई ने दी रंगे हाथ पकड़ने एवं गिरफ्तारी की सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। डीआरएम ऑफिस में रिश्वत लेने के मामले में रंगे हाथ पकड़े गए दो सीनियर अफसरों से रातभर की गई पूछताछ के बाद सीबीआई उन्हें गिरफ्तार कर रविवार की भोर अपने साथ लखनऊ ले गई। इस दौरान सीबीआई ने दोनों अफसरों के रेल आवास को भी खंगाला। साथ ही एक अफसर के झांसी स्थित आवास पर भी रविवार को छापामारी की कार्रवाई सीबीआई ने की। सीबीआई के इस एक्शन से रविवार को डीआरएम ऑफिस में हड़कंप मचा रहा। रविवार होने के बावजूद रेलवे के तमाम अफसर कार्यालय पहुंचे। हालांकि अफसरों ने इस मामले में चुप्पी भी साध रखी है।
दरअसल, सीबीआई को सूचना मिली थी कि डीआरएम ऑफिस में तैनात सीनियर डीएसटीई नीरज पुरी गोस्वामी और डीएसटीई पीके सिंह ने रेलवे के एक ठेकेदार को टेंडर दिलाने के एवज में क्रमश: छह और चार लाख रुपये की मांग की है। संबंधित ठेकेदार ने इसकी सूचना सीबीआई को दी। दोनों अफसरों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए सीबीआई ने जाल बिछाया। इसके तहत ठेकेदार ने दोनों अफसरों को बुलाया। चर्चा है कि मनौरी एवं करछना में रेल फाटक एवं सिंगलिंग से जुड़े कार्य की एवज में दोनों अफसरों ने कुल दस लाख रुपये की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक बालसन चौराहे के पास दोनों अफसरों को सीबीआई ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। रात में ही डीआरएम ऑफिस स्थित कंट्रोल रूम के ऊपर द्वितीय तल में नीरज पुरी गोस्वामी और पीके सिंह के दफ्तर भी खंगाले गए। एक टीम ने दोनों अफसरों के घर की भी तलाशी ली। रात भर पूछताछ करने के बाद सीबीआई की टीम रविवार तड़के दोनों अफसरों को गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई। इस बारे में डीआरएम इलाहाबाद अमिताभ का कहना है कि सीबीआई ने उन्हें दोनों अफसरों को रंगे हाथ पकड़े जाने एवं गिरफ्तार करने की सूचना दी है। उन्होंने बताया कि वे विभागीय रिपोर्ट बनाकर रेलवे बोर्ड और उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय को भेज रहे हैं। इसमें जो भी विभागीय कार्रवाई होगी, वह रेलवे बोर्ड और एनसीआर मुख्यालय स्तर से ही होगी।