चौक के मार्केट में भीषण
आग, करोड़ों का नुकसान
सबहेड- लपटों में घिरा घंटाघर के पास स्थित नेहरू कॉम्पलेक्स, 20 दुकानें जलीं
छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया जा सका काबू
20 दमकल गाड़ियों संग एनडीआरएफ भी लगी रही राहत कार्य में
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। शहर का सबसे व्यस्त बाजार शनिवार को अग्निकांड की चपेट में आ गया। घंटाघर के पास स्थित तीन मंजिला शॉपिंग कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग से लगभग 20 दुकानें राख हो गईं। लपटें इतनी विकराल थीं कि इन पर काबू पाने में छह घंटे लग गए। आग बुझाने में दमकल की 20 गाड़ियों के साथ पुलिस व एनडीआरएफ को भी लगाया गया था। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
चौक में घंटाघर के पास ही प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से बनाया गया तीन मंजिला नेहरू कॉम्पलेक्स है। यहां 100 से ज्यादा दुकानें हैं। इनमें रेडीमेड कपड़ों के साथ ही सजावटी व प्लास्टिक के सामान की भी दुकानें हैं। इस तल पर दुकानों के अलावा कई व्यापारियों ने अपने गोदाम बना रखे हैं। शनिवार दोपहर 3.15 बजे के करीब ऊपरी तल पर आग लग गई। चर्चा है कि इनमें से ही दो पटाखे के गोदाम हैं, जहां से आग भड़की। देखते ही देखते आग ने आसपास की दुकानों व गोदामों को चपेट में ले लिया। आग की जानकारी मिलते ही दुकानदारों व ग्राहकों में भगदड़ मच गई।
दुकानदारों ने पहले खुद आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद फायरब्रिगेड को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर फायरब्रिगेड कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कीं, लेकिन तब तब आग ने तीसरी मंजिल पर स्थित ज्यादातर दुकानों को चपेट में ले लिया। इसके बाद एक के बाद एक दमकल की 20 गाड़ियां पहुंचीं। इनमें मेला क्षेत्र व सेना की भी दमकल शामिल थीं। सूचना पर डीएम, एसएसपी, एसपी सिटी समेत तमाम अफसर भी पहुंच गए। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद जब आग नहीं बुझ सकी तो मौके पर एनडीआरएफ को भी बुलाया गया। रात साढ़े नौ बजे आग पर काबू पाया जा सका। नुकसान का सही आंकड़ा फिलहाल नहीं मिल सका है, लेकिन माना जा रहा है कि आग की चपेट में आई 20 दुकानों में करोड़ों का सामान राख हुआ है। आग कैसे लगी, इस बारे में अफसरों का कहना है कि जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है।
आग कैसे लगी, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। ऊपरी तल पर जिस कादिर नाम के व्यापारी की ज्यादातर दुकानें व गोदाम नष्ट हुए हैं, उसका कहना है कि आग लगाई गई है। जांच की जा रही है।
रविंद्र शंकर मिश्र, सीएफओ