गोरखपुर से लोकमान्य तिलक जा रही गोदान एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में रविवार को प्रयाग रेलवे स्टेशन पर छात्रों ने पथराव कर दिया। अचानक हुए पथराव से ट्रेन में सफर कर रहे तमाम यात्री सकते में आए। पथराव से तकरीबन आधा दर्जन यात्री घायल भी हो गए। पथराव के चलते ट्रेन काफी देर तक प्रयाग रेलवे स्टेशन पर ही खड़ी रही। पुलिस के आने के बाद ही पथराव करने वाले छात्र वहां से भागे। प्रयाग के बाद ट्रेन इलाहाबाद जंक्शन पहुंची तो उसके स्लीपर कोच में बैठे यात्रियों ने खूब शोर शराबा किया। नाराज यात्री तब शांत हुए जब जीआरपी ने घटना की तहरीर ले ली। ट्रेन में इलाहाबाद से एक एस्कार्ट भी यात्रियों की सुरक्षा के लिए भेजा गया।
गाड़ी संख्या 11056 गोदान एक्सप्रेस के एस-4 कोच में आजमगढ़ से रविवार को काफी यात्री सवार हुए। इस दौरान कोच में कुछ छात्र भी घुस गए। आरक्षित बर्थ में बैठने के विवाद में छात्रों की ट्रेन में सफर कर रहे मुसाफिरों से भिड़ंत हो गई। इस बीच नाराज मुसाफिरों ने कुछ छात्रों की पिटाई कर दी। पिटाई के बाद छात्र कोच से हट गए लेकिन आगे देख लेने की धमकी भी दे गए। शाम तकरीबन चार बजे के आसपास ट्रेन प्रयाग रेलवे स्टेशन पहुंची तो वहां पहले से ही काफी संख्या में छात्रों का जमघट था। ट्रेन के यहां रुकते ही छात्रों ने उसके एस-4 एवं एस-5 कोच में पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव से उसमें सफर कर रहे यात्री भी सकपका गए।
छात्रों के पथराव से ट्रेन की खिड़की के कुछ शीशे भी टूट गए। कुछ पत्थर यात्रियों को भी लगे। इस बीच पथराव की सूचना पाकर प्रयाग में मौजूद जीआरपी और आरपीएफ कर्मी पहुंच गए। थोड़ी देर में कई अन्य थानों की फोर्स भी आ गई। पुलिस को देखते ही छात्र वहां से भाग खड़े हुए। छात्रों के जाने के बाद एस-4 एवं एस-5 कोच में बैठे यात्री प्लेटफार्म पर उतरकर शोर शराबा करने लगे। रेलवे का मेडिकल स्टाफ भी मौके पर पहुंचे। यहां एस-4 कोच की बर्थ संख्या 65 में सवार अशरफ नाम के यात्री की मरहम पट्टी की गई। कुछ अन्य यात्रियों का भी प्राथमिक उपचार किया गया। घंटे भर बाद ट्रेन प्रयाग से इलाहाबाद जंक्शन के लिए रवाना हुई।
जंक्शन के प्लेटफार्म नौ पर पहुंचते ही यहां यात्रियों ने एक बार फिर से हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि यहां जीआरपी इंसपेक्टर वशिष्ठ यादव फोर्स के साथ प्लेटफार्म पर पहले से ही मौजूद थे। यहां यात्रियों ने जीआरपी को घटना की तहरीर दी। यात्री अड़ गए कि उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए एस्कार्ट चाहिए। बाद में इलाहाबाद से ट्रेन में एस्कार्ट सवार किया गया। इसके बाद ट्रेन शाम तकरीबन छह बजे ही इलाहाबाद से रवाना हो सकी।