रामगंगा के खादर इलाके की तलहटी में बसे गोरा हेमराजपुर गांव के जंगल में शनिवार को तेंदुए की दहाड़ से ग्रामीण कांप उठे हैं। अब तो आलम यह है कि वे खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं। इससे खेतों में छिला हुआ गन्ना सूख रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तेंदुए को पकड़वाने की गुहार लगाई है।
गांव गोरा हेमराजपुर के शिवम राठी व पुलकित भाई है। दोनों ने बताया कि शनिवार सुबह डनलप से रामगंगा पार खेत पर गन्ना लेने गए थे। वापस आते समय एक खेत में तेंदुए की दहाड़ सुनाई दी। यह सुनकर वह जान बचाते हुए भाग गए।
घर पहुंचकर परिवार वालों और ग्रामीणों को बात बताई। इसके बाद मौके पर पहुंच गन्ना लदा डनलप ले आए। गांव के ही गंगाराम व रामकिशोर राजपाल, प्रमोद शर्मा ने बताया कि खेत में गन्ना छिला हुआ पड़ा है। गन्ना तौल पर्ची भी हैं लेकिन दहशत से मारे वे खेत पर नहीं जा रहे है जिससे गन्ना सूख रहा है।
बता दें कि दो दिन पूर्व भी तमाम किसानों को रामगंगा के खादर इलाके में किसी तेंदुए के देखे जाने की बात बताई थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग की टीम और एसडीएम राजेश चंद्र ने ग्रामीणों से बातचीत की थी। शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने छानबीन की थी लेकिन कोई नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी।
इस संबंध में वन विभाग के रेंजर अमित कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को टीम भेजी थी। कोई पग चिह्न नहीं मिले। रविवार को खुद टीम के साथ जाकर छानबीन करेंगे।