कान्हा गौशाला में पशुओं के लिए आवश्यक इंतजाम
- पर्याप्त चारा व भूसा, हरा चारा, सूखा भूसा, पुवाल, दाना–चोकर आदि की नियमित उपलब्धता।
- पीने के लिए साफ़ और पर्याप्त पानी।
- बरसात, सर्दी और गर्मी से बचाव के लिए पक्का ढका हुआ शेड।
- पर्याप्त वेंटिलेशन और साफ़ फर्श।
- पशु धन प्रसार अधिकारी की नियमित विजिट।
- बीमार पशुओं के लिए अलग आइसोलेशन व्यवस्था।
- टीकाकरण, डी-वॉर्मिंग, और समय–समय पर स्वास्थ्य परीक्षण।
- गौशाला परिसर की नियमित सफाई।
- गोबर व कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था।
- पशुओं की सुरक्षा के लिए बाउंड्री।
- ठंड से राहत के लिए मोटी तिरपाल और अलाव जलाने की व्यवस्था।
- रात में गार्ड या सुरक्षा कर्मी।
- आने–जाने वाले सभी पशुओं का पंजीकरण और संख्या का रिकॉर्ड।
- मृत पशुओं की जानकारी की रिपोर्टिंग।
गेट चमकता है, पर बाउंड्री वॉल गायब; कुत्तों का डेरा, पशुओं की सुरक्षा पर सवाल
विकास खंड प्रतापपुर के बसनेहटा स्थित कान्हा गौशाला में प्रवेश द्वार तो नया और चमकदार बना दिया गया है, लेकिन पूरी गौशाला के चारों ओर बाउंड्री वॉल तक नहीं है। खुले परिसर में कुत्तों का जमावड़ा बना रहता है। जिससे कमजोर और बीमार गोवंशों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बाउंड्री के नाम पर कटीले तार का घेरा बनाया गया है। बाउंड्री न होने से रात में गौशाला पूरी तरह असुरक्षित रहती है। कई बार कुत्तों द्वारा नवजात और कमजोर पशुओं को नुकसान पहुँचाने की घटनाएँ भी सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। गौशाला में पहले से ही चारे और पुवाल की कमी की शिकायतें मिल रही थीं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी स्थितियों को और चिंताजनक बना रही है।