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68500 शिक्षक भर्ती में हुए घोटाले के मद्देनजर निलंबित किए गए परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) कार्यालय के रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी का निलंबन निरस्त कर दिया गया है। उन्हें शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा निदेशालय, निशातगंज, लखनऊ से संबद्ध किया गया है। हालांकि उनके खिलाफ चल रही जांच जारी रहेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के तहत 68500 पदों पर सहायक शिक्षकों की भर्ती परीक्षा के तहत उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर भारी गड़बड़ी हुई थी। मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्कालीन सचिव सुत्ता सिंह और रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी को निलंबित कर दिया गया था। सचिव सुत्ता सिंह को पहले ही बहाल किया जा चुका है और अब पूर्व रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह का निलंबन भी निरस्त कर दिया गया है।
उप सचिव कामता प्रसाद सिंह के अनुसार जीवेंद्र सिंह के निलंबन को छह माह से अधिक हो जाने के मद्देनजर राज्यपाल के आदेश से जीवेंद्र सिंह ऐरी का निलंबन आदेश निरस्त करते हुए उन्हें सेवा में बहाल करने का निर्णय इस शर्त के साथ लिया गया है कि उनके खिलाफ जारी जांच जारी रहेगी। वह बेसिक शिक्षा निदेशालय से संबद्ध रहेंगे और उनकी तैनाती के संबंध में आदेश अलग से निर्गत किए जाएंगे।